इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करूंगा; पुणे जहरीली शराब मामले पर बोले आठवले, क्या परिवार काे मुआवजा मिलेगा?

Ramdas Athawale Statement: पुणे जहरीली शराब कांड पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजे की मांग की है।
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रामदास आठवले (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ramdas Athawale Demands Compensation: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने प्रशासन और अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह इस गंभीर मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से व्यक्तिगत रूप से चर्चा करेंगे।

16 परिवारों की तबाही पर आठवले का बयान

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि इस जहरीली शराब ने अब तक 16 लोगों की जान ले ली है, जिसमें फुगेवाड़ी और दापोड़ी के 11 और पुणे के 5 लोग शामिल हैं। आठवले ने अत्यंत भावुक होते हुए कहा, इन 16 मौतों का मतलब है कि 16 परिवार पूरी तरह तबाह हो गए हैं। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य और चिंता जताई कि किसी को यह पता तक नहीं चलता कि यह अवैध देशी शराब कहां बनती है, इसमें कौन से घातक रसायन मिलाए जाते हैं और इसे किस तरह तैयार किया जाता है।

अवैध अड्डों को बंद करने और मुआवजे की मांग

रामदास आठवले ने मांग की है कि देश और राज्य में चल रहे सभी अवैध शराब के अड्डों को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देने की बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आकस्मिक मृत्यु के मामलों में 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है, और वे राज्य सरकार के स्तर पर भी इस दिशा में ठोस प्रयास करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए।

चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति, मिरका सिंह और गुरु मंगल सिंह के रूप में हुई है। कोर्ट ने इन सभी को 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह जहरीली शराब कहां से सप्लाई की गई थी।

मृतक के परिवार की आपबीती

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल में भर्ती पीड़ितों के शरीर से भारी मात्रा में जहरीला तरल पदार्थ निकाला गया। एक मृतक, बाबा शेख के परिजनों ने बताया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो पता चला कि उन्होंने अत्यधिक जहरीली शराब पी रखी थी, जिसके कारण डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

रामदास आठवले के हस्तक्षेप और उनके कड़े रुख के बाद अब इस मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।

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