देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: लाडली बहन योजना के कारण महाराष्ट्र की बीजेपी नीत महायुति की नैया पार लग गई। विधानसभा चुनाव 2024 में बीजेपी नीत महायुति को अब तक की सबसे बड़ी जीत मिली तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्ववाली महायुति सरकार 2.0 में अब फिर से लाड़ली बहनों को योजना के पैसे का भुगतान शुरू हो गया है। लेकिन दूसरी तरफ सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहन योजना राज्य की सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए मुसीबत साबित हो रही है।
योजना के कारण सरकार तिजोरी पर पड़ रहे भार का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। नए साल में शिक्षकों को वेतन समय पर नहीं मिलने की आशंका प्रबल हो गई है। इससे नाराज शिक्षकों के विभिन्न संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है।
शिक्षकों के वेतन पर प्रति माह 5 हजार 500 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। चर्चा है कि लाडली बहन योजना के कारण राज्य का खजाना खाली हो गया है। क्योंकि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राज्य की महायुति सरकार द्वारा लाई गई लाडली बहन योजना के लिए सरकार ने शिक्षकों के वेतन का पैसा इस्तेमाल कर लिया। शिक्षकों को जनवरी महीने में मिलने वाला दिसंबर महीने का वेतन अब समय पर नहीं मिल सकेगा।
सोलापुर में फैली ऐसी अफवाहों के कारण आक्रामक हुए विभिन्न शिक्षक संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि आप लाडली बहन या अन्य कोई भी योजना लागू करें। लेकिन इसकी योजना ठीक से बनाएं। सोलापुर जिला परिषद में आए शिक्षकों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सरकारी कर्मचारी का वेतन नहीं रुकना नहीं चाहिए।
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राज्य में जिला परिषद स्कूलों, निजी, सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालयों, सहायता प्राप्त निजी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की संख्या लगभग साढ़े चार लाख है। आमतौर पर हर महीने की 25 तारीख तक वेतन अधीक्षक के पास शिक्षकों के वेतन का पैसा पहुंच जाता है। इसके बाद 1 से 5 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाता है। लेकिन अब तक 27 दिसंबर की तारीख बीत जाने के बाद भी सरकार से वेतन के लिए राशि नहीं मिली है। अत: समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों को नए साल में आर्थिक गणित बिगड़ने की आशंका सताने लगी है।
महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि लाडली बहन योजना के कारण किसी भी अन्य खाते पर दबाव नहीं पड़ा है। नागपुर बजट में लाडली बहन योजना के लिए अलग से निधि का प्रावधान किया था। योजना के तहत 24 दिसंबर से किस्त का भुगतान शुरू हो गया है। अन्य किसी विभाग से कोई धनराशि लाडली बहन योजना के लिए इस्तेमाल नहीं की गई है। शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने की झूठी अफवाह फैलाई जा रही है। शिक्षकों को उनका वेतन भी समय पर दिया जायेगा। हर विभाग के मंत्री अपना फंड देख रहे हैं।