रतन टाटा को इस्लामपुर के लोगों ने किया याद, मुस्कान के साथ कभी बांटी थी 450 छात्रों को डिग्री

भापत के दिग्गज व्यापारी रतन टाटा को बुधवार को निधन हो गया। इश खबर से अभी तक देशवासी उबर नहीं पाए हैं। इस्लामपुर में रतन टाटा के बिताए 6 घंटे एक बार फिर लोगों को याद आ गए जब रतन टाटा ने स्नातक समारोह के दौरान लगातार ढाई घंटे खड़े रहकर विद्यार्थियों का डिग्रीयां प्रदान की थी।
रतन टाटा ने ढाई घंटे खड़े रहकर इस्लामपुर के 450 विद्यार्थियों को दी थी डिग्री
रतन टाटा को किया याद
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इस्लामपुर: कासेगांव शिक्षा संस्थान के इस्लामपुर के निकट साखराले स्थित आरआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज का स्नातक समारोह आयोजित किया गया था। आरआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज का स्नातक समारोह रविवार, 10 नवंबर 2013 को आयोजित किया गया था। इस दिन 450 विद्यार्थियों को डिग्री दी जानी थी।

आरआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज का स्नातक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग जगत के चमकते ध्रुव तारे उद्योगपति पद्म भूषण रतन टाटा थे। रतन टाटा ने इस उम्र में भी विद्यार्थियों का करीब ढाई घंटे तक खड़े रहकर उनका सम्मान किया था।

खड़ें रह कर मुस्कान के साथ मिले

लेकिन, उन्होंने कुर्सी पर बैठने की बजाय खड़े होकर सुहास्यवदना के साथ डिग्री प्रदान की। इस घटना से उपस्थित लोग अभिभूत हो गये। स्नातक प्रमाणपत्र सौंपते समय वह चेहरे पर मुस्कान के साथ छात्रों से घुल-मिल रहे थे और छात्र भी उनकी उपस्थिति से अभिभूत थे। रतन टाटा की इस तरह से उपस्थिति सभी के लिए एक खूबसूरत अनुभव था।

हाल ही में देश के दिग्गज उद्योगपति और पद्म विभूषण रतन टाटा का बुधवार को निधन हो गया। इस खबर से पूरा देश शोक में डूब गया। उनके निधन की खबर सुनकर इस्लामपुर के लोगों को उनके साख बिताए पल एक-एक कर याद आने लगे। इस दौरान उनकी इस्लामपुर यात्रा की कई यादें एक बार फिर ताजा हो गईं। कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए।

6 घंटे इस्लामपुर क्षेत्र में रुके टाटा

स्नातक समारोह में उन्हें करीब से देखने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध उद्योगपति का अनुभव लेने के लिए भारी भीड़ मौजूद थी। उस समय टाटा द्वारा इस्लामपुर उपजिला अस्पताल को लगभग 9 करोड़ रुपये की मदद ने उन दिनों उनके सहयोग की कई घटनाओं को फिर से जागृत कर दिया।

उस समय रतन टाटा ने इस्लामपुर क्षेत्र के लिए 6 घंटे का समय दिया था। तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री जयंत पाटिल उनके स्वागत के लिए कराड हवाई अड्डे पर मौजूद थे। टाटा ने इस कॉलेज के छात्रों द्वारा विकसित उपकरणों, छात्रों के पेटेंट के बारे में भी उत्सुकता से पूछताछ की। उन्होंने पश्चिम महाराष्ट्र से आए उद्यमियों से आधे घंटे तक विस्तृत चर्चा की।

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