

Temple Collapse Devendra Fadnavis Announcement: महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ आस्था का केंद्र क्षण भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। मानवत तहसील स्थित सुप्रसिद्ध यशवाड़ी हनुमान मंदिर में शनिवार की दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब निर्माणाधीन सभामंडप की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। इस भीषण हादसे में अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जबकि दर्जनों श्रद्धालु मलबे के नीचे दब गए थे।
शनिवार का दिन होने और सप्ताहांत की छुट्टी के कारण मंदिर में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय जब मंदिर परिसर भक्तों से भरा था, तभी सभामंडप का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मलबे के नीचे करीब 30 से 40 लोगों के फंसे हुए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और पुलिस बल के साथ बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से भारी मलबे को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिले की पालक मंत्री मेघना बोर्डिकर खुद इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं और उन्होंने प्रशासन को त्वरित सहायता के निर्देश दिए हैं।
इस दुःखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा साझा किए गए संदेश में पीएम मोदी ने कहा, महाराष्ट्र के परभणी में दीवार गिरने से हुई जनहानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हादसे पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि यशवाड़ी की यह घटना अत्यंत दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सीएम फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि घायलों का उपचार सरकारी खर्च पर किया जा रहा है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में पूरी मुस्तैदी से जुटा है।
फिलहाल, मंदिर परिसर में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है, जहाँ लोग अपनों की सलामती की दुआएं कर रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।