Parbhani: जमानत पर रिहा होने के 13 दिन बाद आरोपी ने लगाई फांसी, गांव में मचा हड़कंप

Maharashtra News: परभणी में संविधान की प्रतिकृति से छेड़छाड़ मामले के मुख्य आरोपी दत्ता पवार ने जमानत पर रिहा होने के कुछ दिनों बाद गांव में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की पुष्टि की है।
Suicide Case
दत्ता पवार आत्महत्या (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Datta Pawar suicide news: महाराष्ट्र के परभणी जिले में संविधान की प्रतिकृति को क्षतिग्रस्त करने के बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपी दत्ता पवार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

यह घटना सोमवार सुबह परभणी जिले के मिर्जापुर गांव में सामने आई, जहां वह अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरा हुआ था। पुलिस के अनुसार, दत्ता पवार को 13 महीनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 8 जनवरी 2025 को जमानत पर रिहा किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह अपने परिवार के बजाय मिर्जापुर गांव गया था, जहां उसके रिश्तेदार रहते हैं।

खेत के कमरे में फांसी लगाने की आशंका

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह एक खेत में बने कमरे में पवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह करीब 9 बजे उसके एक रिश्तेदार ने उसे फंदे से लटका हुआ देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार

अधिकारी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद पवार के परिवार को शव सौंप दिया गया, और परभणी में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

क्या था पूरा मामला

गौरतलब है कि 11 दिसंबर 2024 को परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने स्थापित संविधान की पत्थर की प्रतिकृति क्षतिग्रस्त पाई गई थी। इसके एक दिन बाद शहर में तनाव और हिंसा फैल गई थी। इस मामले में दत्ता पवार को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया था।

संवेदनशील मामला बना हुआ है

संविधान से जुड़ा मामला होने के कारण यह प्रकरण राज्यभर में संवेदनशील बन गया था। आरोपी की आत्महत्या के बाद एक बार फिर इस केस को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच जारी है।

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