परभणी में ACB का बड़ा एक्शन: घूसखोर डॉक्टर और भू-अभिलेख कर्मचारी रंगे हाथ गिरफ्तार, मचा हड़कंप

Parbhani Bribe Case: परभणी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने दो बड़ी कार्रवाई की हैं। अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और भूमि अभिलेख विभाग के कर्मचारी को रिश्वत लेते पकड़ा गया।
Parbhani Bribe Case Anti Corruption Bureau Raid
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Parbhani Anti Corruption Bureau Raid News: महाराष्ट्र के परभणी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने दो अलग-अलग सफल ट्रैप लगाए हैं। इन कार्रवाइयों में एक चिकित्सा अधीक्षक और एक भूमि अभिलेख विभाग के कर्मचारी को हजारों रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। सरकारी महकमों में हुई इस अचानक कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

मामला 1: टेंडर के बदले मांगी 50 हजार की रिश्वत

पहली घटना परभणी जिले की पालम तहसील की है। यहां के ग्रामीण अस्पताल में कार्यरत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश खंदारे को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके भाई की फर्म ‘परिवर्तन लेबर कॉन्ट्रैक्टर एंड मल्टीसर्विसेस’ ने पालम ग्रामीण अस्पताल में सफाई सेवा का टेंडर भरा था। इस टेंडर को मंजूरी देने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए डॉ. खंदारे ने 50,000 रुपये की मांग की थी। शिकायत के बाद एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। मोलभाव के बाद सौदा 40,000 रुपये में तय हुआ। बुधवार को जैसे ही डॉ. खंदारे ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके वाहन से अतिरिक्त 15,000 रुपये भी बरामद हुए हैं। पालम थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

मामला 2: जमीन की माप के लिए 8 हजार की घूस

दूसरी कार्रवाई परभणी जिले की पाथरी तहसील में अंजाम दी गई। यहां भूमि अभिलेख विभाग (Land Records Department) के कर्मचारी रामेश्वर गुरुलिंगप्पा बिडकर को रिश्वत लेते पकड़ा गया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके भतीजे की जमीन ढालेगांव बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में चली गई थी। इस जमीन के पुनर्मापन (Remeasurement) के लिए आवेदन दिया गया था। इस सरकारी काम को करने के बदले आरोपी बिडकर ने 15,000 रुपये की मांग की थी। एसीबी के सत्यापन के दौरान आरोपी ने फोन पर भी रिश्वत की मांग दोहराई, जिसके बाद मामला 12,000 रुपये में तय हुआ। बुधवार सुबह पाथरी के साईं मंदिर रोड पर स्थित एक दुकान में जैसे ही बिडकर ने पहली किस्त के रूप में 8,000 रुपये लिए, एसीबी ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

इन दोनों कार्रवाइयों ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सेवाओं के बदले अवैध धन की मांग करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है। एसीबी अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें। फिलहाल दोनों ही मामलों में आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके आय के अन्य स्रोतों की भी जांच की जा सकती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com