

Bandu Jadhav Parbhani Rally: महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर बेहद गरमा गया है। मराठा समाज और उनके सगे-संबंधियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कोटे से एकमुश्त आरक्षण देने की मांग को लेकर जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल एक बार फिर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। अनशन के दूसरे दिन अंतरवाली सराटी से लेकर परभणी और मुंबई तक सियासी पारा चढ़ा रहा।
इस बीच एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सांसद बंडू जाधव और मनोज जरांगे के बीच सीधा टकराव देखने को मिला, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
मराठा समाज और उनके सगे-संबंधियों के लिए ओबीसी कोटे से एकमुश्त आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवाली सराटी में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल की तीखी धमकियों को शिवसेना शिंदे गुट के सांसद बंडू जाधव ने ठेंगा दिखा दिया। जरांगे की तमाम धमकियों को दरकिनार करते हुए सांसद जाधव ने रविवार को परभणी में एक भव्य सभा का आयोजन किया। इससे राज्य की राजनीति में जबरस्त तनाव देखने को मिला।
अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे के आमरण अनशन का रविवार को दूसरा दिन था। जरांगे ने सांसद बंडू जाधव को फोन कर यह कार्यक्रम तत्काल रद्द करने की धमकी दी थी और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही थी।
सांसद बंडू जाधव के कार्यक्रम रद्द करने की मांग के साथ मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर भी जमकर हमला बोला था।
हालांकि, सांसद बंडू जाधव ने मनोज जरांगे की इन धमकियों को दरकिनार कर दिया और पूर्वनियोजित कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित कर उन्हें खुला ठेंगा दिखा दिया। इससे बौखलाए जरांगे ने अब मुंबई आकर हिसाब चुकता करने की चेतावनी दी है।
दूसरी तरफ सांसद जाधव के भव्य संवाद मेले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। तनावपूर्ण माहौल में सभा स्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने 'एक मराठा लाख मराठा' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस तनावपूर्ण माहौल में शिंदे ने विनम्रता से जवाब देते हुए पुलिस को नारा लगाने वालों को रोकने से मना कर किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ये सब अपने ही लोग है और सरकार हमेशा उनके हित में काम करती रहेगी।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार का काम OBC, बहुजन, आदिवासी और समाज के दूसरे सभी तबकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए मराठा समुदाय को न्याय दिलाकर सबको साथ लेकर चलने वाला विकास करना है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 2014 से मराठा समुदाय को आरक्षण देने, 5200 मेजोरिटी पोस्ट पर उम्मीदवारों को नौकरी देने, जस्टिस शिंदे कमेटी के जरिए लाखों रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन करने, कुनबी सर्टिफिकेट का रास्ता, 10 परसेंट आरक्षण, सारथी के लिए 300 करोड़, अन्नासाहेब पाटिल कॉर्पोरेशन के लिए 15 लाख रुपये की लोन लिमिट, हॉस्टल और हायर एजुकेशन के लिए मदद, साथ ही आंदोलन में मारे गए लोगों के परिवारों को 10 लाख रुपये और काबिल लोगों को ST में नौकरी देने की कोशिशें की गई हैं।
इस बीच मुंबई में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मराठा समाज के आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल से बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा। आंदोलन स्थल पर सरकार के प्रतिनिधि मौजूद हैं जो आंदोलनकारियों से चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने पहले भी कई मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला है और आगे भी संवाद से रास्ता निकाला जाएगा। सरकार हमेशा चर्चा के लिए तैयार है। यदि मांगें संविधान और कानून के दायरे में हैं तथा सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का उल्लंघन नहीं करती हैं तो सरकार उन पर चर्चा के लिए तैयार है।