Vasai Virar Water Crisis: महंगे दामों में मिल रहा बीमारी भरा पानी, स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा
Vasai Virar में पानी की किल्लत के बीच टैंकर माफिया खदानों का दूषित पानी ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। नागरिक मजबूरी में इसे खरीद रहे हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
वसई विरार वॉटर टैंकर (सौ. AI Generated )
Vasai Virar Water Crisis Supply: वसई-विरार-एक तरफ कंक्रीट का जंगल बनता जा रहा वसई-विरार और दूसरी तरफ बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते लोग।
इस विवशता का फायदा अब टैंकर माफिया ‘खदान का पानी’ बेचकर उठा रहे हैं। शहर के जिन इलाकों में महापालिका की पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां माफियाओं ने समानांतर सत्ता कायम कर ली है।
खदानों में जमा दूषित और ठहरा हुआ पानी धड़ल्ले से सोसायटियों में सप्लाई किया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों का स्वास्थ्य दांव पर लग गया है। नालासोपारा, विरार, नायगांव और वसई की सड़कों पर दौड़ते हजारों टैंकर आज डर का पर्याय बन चुके हैं।
सम्बंधित ख़बरें
दो सगी बहनों का शोषण और ब्लैकमेलिंग; चित्रा वाघ का दावा, पालघर से लंदन तक फैला है लड़कियों को फंसाने का जाल
पानी तो मिला, भुगतान अटका; ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा; छत्रपति संभाजीनगर जलकर विवाद गहराया
संभाजीनगर में जल संकट से राहत की उम्मीद, 12 जून से 50 MLD अतिरिक्त पानी; मनपा की नई योजना शुरू
नवी मुंबई: कामोठे में आ रहा गंदा और पीला पानी, नागरिकों ने CIDCO को सौंपा ज्ञापन; सैंपल्स की होगी जांच
Vasai Virar में टैंकर का पानी पीने को मजबूर
पानी की किल्लत का आलम यह है कि नागरिक 1,500 से 2,000 रुपये प्रति टैंकर देने को मजबूर हैं। इतनी भारी कीमत चुकाने के बाद भी उन्हें जो मिल रहा है, वह बीमारियों का भंडार है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टैंकर चालक अंधेरा होते ही सक्रिय हो जाते हैं और असुरक्षित खदानों व गंदे तालाबों से पानी भरकर ऊंची कीमतों पर बेचते हैं।
नगर निगम के सुरक्षा दावों की खुली पोल
Vasai Virar में खदान से मोटर पंप लगाकर दूषित पानी निकाला जा रहा था। प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर यह पानी रिहायशी इमारतों और झुग्गी-बस्तियों में सप्लाई किया जा रहा था। इस खुलासे ने नगर निगम के सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है।
‘हमने दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया है। संबंधित क्षेत्रों के तत्काल निरीक्षण के निर्देश दिए गए है। नियमों का उल्लंघन करने वाले टैंकर चालकों और माफियाओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
– दीपक सावंत अतिरिक्त आयुक्त, वसई-विरार मनपा
ये भी पढ़ें :- Central Railway का मेगा ब्लॉक, 18-19 अप्रैल को लोकल सेवाएं प्रभावित, कई ट्रेनें डायवर्ट
नागरिकों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। स्थानीय लोगों ने वसई-विरार महानगरपालिका से ‘विशेष अभियान’ चलाने की मांग करते हुए हर टैंकर पर क्यूआर कोड या डिजिटल लॉग बुक अनिवार्य हो, जिससे पानी के स्रोत का पता चल सके। टैंकरों के पानी की नियमित लैब टेस्टिंग के लिए विशेष उड़न दस्तों का गठन किया जाए। असुरक्षित खदानों और तालाबों पर लगे अवैध पंपों को तुरंत जब्त कर मालिकों पर एफआईआर दर्ज हो, यदि आपके परिसर में आने वाले टैंकर के पानी का रंग मटमैला है या उसमें से दुर्गंध आ रही है, तो उसका उपयोग न करें। दूषित जल से टाइफाइड, हैजा, पीलिया और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियां होने की प्रबल संभावना रहती है, ऐसे मामलों की सूचना तत्काल स्थानीय वार्ड ऑफिसर को दें।
– भरत तिवारी, स्थानीय
