पालघर ट्रैफिक (सौ. सोशल मीडिया )
Vasai Virar Vehicle Growth: वसई-विरार क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण और औद्योगीकरण ने रफ्तार के सारे पिछले रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।
सड़कों पर बढ़ते वाहनों के रेले ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 1,04,925 नए वाहनों का पंजीकृत हुआ है।
जब एक साल के भीतर पंजीकृत का आंकड़ा एक लाख के पार पहुंचा है। शहर में बढ़ती भीड़ और सार्वजनिक परिवहन की बदहाली के कारण आम आदमी अब निजी वाहनों पर निर्भर हो गया है। बस और ऑटो के लिए लगने वाली लंबी कतारों और उनकी अनियमितता ने लोगों को गाड़ी खरीदने पर मजबूर कर दिया है।
अब वाहन खरीदना कोई ‘लग्जरी’ नहीं, बल्कि कामकाजी वर्ग के लिए वक्त बचाने की अनिवार्य जरूरत बन गई है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया का ऑनलाइन होना भी एक बड़ा कारण है। अब वाहन मालिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, जिससे नई गाड़ियां सड़कों पर उतरना और आसान हो गया है।
पिछले तीन वर्षों में वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखा गया है। पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की तुलना में इस साल 11,007 अधिक वाहनों का पंजीकरण हुआ है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि जिले की सड़कों पर हर महीने औसतन 8,743 नए वाहन (दोपहिया, कार, ऑटो और टेम्पो) जुड़ रहे है।
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वाहनों की इस बाढ़ ने वसई, विरार, नालासोपारा और पालघर की बुनियादी सुविधाओं पर भारी दबाव डाल दिया है। प्रशासन के सामने मुख्य चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। बढ़ते वाहनों के मुकाबले सड़कों का चौड़ीकरण बेहद धीमा है। पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण गाड़ियां सड़कों पर खड़ी रहती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।