

Vasai Virar Transport Master Plan: लगातार बढ़ते शहरीकरण और रोजाना के दमघोंटू ट्रैफिक जाम से जूझ रहे वसई-विरार शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। वसई-विरार शहर महानगरपालिका ने शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम उठाया है।
महापालिका प्रशासन जल्द ही एक विशेष यातायात नियोजन प्रकोष्ठ की स्थापना करने जा रहा है। इसके साथ ही, अगले 30 वर्षों की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक शहरी परिवहन योजना (सीएमपी) तैयार की जाएगी, जिसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी सलाहकारों की नियुक्ति होगी।
शुक्रवार को वसई-विरार महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित महासभा में शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था, पार्किंग की कमी और तीव्र शहरीकरण पर नगरसेवकों ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। इस चर्चा का जवाब देते हुए अतिरिक्त आयुक्त दीपक सावंत ने बताया कि केंद्र सरकार की 'राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति' के तहत और राज्य के शहरी विकास विभाग के सचिव के साथ हुई बैठक के बाद यह मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
इस महा-योजना का मुख्य उद्देश्य वसई-विरार में एक सुरक्षित, सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली विकसित करना है। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे।
शहर के रेलवे, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। रेलवे स्टेशन परिसरों में होने वाली भारी भीड़, प्रमुख जंक्शनों (चौराहों) और फ्लाईओवरों का वैज्ञानिक निरीक्षण होगा। नवगठित परिवहन नियोजन प्रकोष्ठ में अर्बन प्लानिंग, ट्रांसपोर्ट प्लानिंग और जीआईएस मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
तकनीकी सलाहकार न केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान ढूंढ़ेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी परियोजनाओं को भी इस योजना से जोड़ेंगे, इसमें सड़को के छूटे हुए रास्तों को जोड़ने, आधुनिक पार्किंग सिस्टम, ट्रांसपोर्ट हब और टर्मिनल सुविधाओं के विकास पर काम होगा। इसके अलावा, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले 'जूचंद्र जलमार्ग' और बुलेट ट्रेन के स्टेशनों पर उपलब्ध होने वाली परिवहन सेवाओं को भी इस मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। बैठक के दौरान तमाम नगरसेवकों ने शहर में अवैध पार्किंग और रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से आम जनता को तुरंत राहत दिलाने की मांग की।
जनभावनाओं और नगरसेवकों की मांग का संज्ञान लेते हुए महापौर अजीव पाटिल ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वसई-विरार का विकास पूरी तरह सुनियोजित तरीके से होना चाहिए ताकि भविष्य में एक समावेशी और जाम-मुक्त शहर का निमर्माण हो सके।