प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Voters Will Discounts On Hotels And Transportation: लोकतंत्र के उत्सव को सफल बनाने के लिए वसई-विरार प्रशासन ने मतदाताओं को लुभाने के लिए खास ‘डिस्काउंट ऑफर’ पेश किया है। 15 जनवरी को होने वाले मतदान के लिए मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से होटल बिल, ऑटो और बस सफर पर भारी छूट देने की घोषणा की गई है।
पालघर जिले की वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) में 15 जनवरी को होने वाले चुनावों के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मतदाताओं में उत्साह भरने और मतदान प्रतिशत को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाने के लिए वीवीएमसी के आयुक्त और मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार सूर्यवंशी ने एक प्रभावी रणनीति तैयार की है। उन्होंने स्थानीय होटल एसोसिएशन, रिक्शा यूनियन, सैलून एसोसिएशन और नागरिक परिवहन सेवा के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में आयुक्त ने चुनावों को ‘लोकतंत्र का त्योहार’ बताते हुए विभिन्न संगठनों से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का समर्थन करने और मतदाताओं को प्रोत्साहित करने की अपील की।
प्रशासन की इस अपील पर स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। होटल एसोसिएशन ने घोषणा की है कि मतदान के दिन जो नागरिक अपनी उंगली पर स्याही का निशान दिखाएंगे, उन्हें होटल के कुल बिल पर 15 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा परिवहन क्षेत्र से आई है; शहर के ऑटो रिक्शा संघ ने मतदान के दिन मतदाताओं को परिवहन किराए में 50 प्रतिशत की भारी कटौती देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक बोझ या परिवहन की कमी के कारण कोई भी मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे।
रियायतों का यह सिलसिला केवल खान-पान और सफर तक ही सीमित नहीं है। महानगर परिवहन विभाग ने भी मतदाताओं के हित में फैसला लेते हुए बस किराए में विशेष छूट देने की योजना बनाई है। इसके अलावा, स्थानीय हेयरड्रेसिंग सैलून एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी इस मुहिम में शामिल होने का संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि मतदान के दिन मतदाताओं को सैलून सेवाओं पर विशेष डिस्काउंट प्रदान किया जाएगा। इस तरह की पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि शहरी क्षेत्रों में अक्सर कम रहने वाला मतदान प्रतिशत इस बार बेहतर होगा।
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आयुक्त मनोज कुमार सूर्यवंशी का मानना है कि इस तरह के प्रोत्साहनों से नागरिक न केवल अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, बल्कि वे उत्साह के साथ इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। प्रशासन का यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो अक्सर मतदान के दिन को छुट्टी के तौर पर मनाते हैं। इन आकर्षक छूटों के जरिए प्रशासन ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक ओर मतदाताओं को केंद्रों तक लाना और दूसरी ओर स्थानीय व्यवसायों को इस राष्ट्रीय कार्य से जोड़ना। अब देखना यह है कि 15 जनवरी को वसई-विरार की जनता इस ‘डिस्काउंट वाली लोकतांत्रिक अपील’ पर कितनी मुहर लगाती है।