32 करोड़ के कर्ज से बचने के लिए रची हत्या की साजिश! उद्योगपति पर हमले में सह-अध्यक्ष समेत 7 गिरफ्तार

Maharashtra Mohansingh Parmar Attack Case: वसई में उद्योगपति मोहनसिंह परमार पर हमले का खुलासा। 32 करोड़ के कर्ज से बचने और कंपनी पर कब्जे के लिए सह-अध्यक्ष सागर भानुशाली ने दी थी 40 लाख की सुपारी।
Vasai police arrest 7, including co-chairman Sagar Bhanushali, for plotting industrialist Mohansingh Parmar's murder over a 32 crore debt dispute.
मोहनसिंह परमार (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Vasai Industrialist Mohansingh Parmar Attack Case: महाराष्ट्र के उद्योगपति और जीएसएम फाइल्स के प्रबंध निदेशक मोहनसिंह परमार  त्या की कोशिश मामले में वसई पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, 32 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारी से बचने और कंपनी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के थी सुपारी लिए यह साजिश रची गई थी।

पुलिस ने कंपनी के सह-अध्यक्ष सागर भानुशाली को मुख्य ने भानुशाली समेत सात लोगों को चला है कि भानुशाली को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट से भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वह करीब 32 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गया।

वह इससे बाहर निकलने का रास्ता तलाश ही रहा था। उसने मोहन सिंह परमार को कंपनी में अपना हिस्सा लगभग 32 करोड़ रुपये में खरीदने के लिए मजबूर किया। फिर उसने सोचा कि परमार को अगर वह रास्ते से हटा देता है तो उसे न तो ये रकम लौटानी पड़ेगी और कंपनी पर भी पूरा कब्जा उसका ही हो जाएगा।

2 हमलावरों ने चलाई थी गोली

26 जुलाई को वसई के नाइकपाड़ा इलाके में बाइक पर सवार 2 हमलावरों ने परमार पर गोली चलाई। गोली परमार के कंधे में लगी। दूसरी गोली चलने से पहले ही पिस्तौल जाम हो जाने के कारण हमलावर भाग गए। परमार की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय शिन्त्रे ने कहा कि भानुशाली ने 40 लाख रुपये में सुपारी लेकर हत्या करने वालों को काम पर रखा था और उन्हें 5 लाख रुपये अग्रिम भुगतान कर दिए थे।

पालघर पुलिस की एक विशेष टीम ने मुख्य साजिशकर्ता प्रदेश से गिरफ्तार किया है। सागर भानुशाली को उत्तर वहीं, अन्य छह आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया है। वैज्ञानिक, तकनीकी, डिजिटल, फाइनेंशियल और फोरेंसिक सबूतों की मदद से जांच जारी है।