पालघर में मूसलाधार बारिश का तांडव: 891 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट; कालू नदी के उफान से 10 गांव कटे

Palghar Heavy Rain: पालघर जिले में बाढ़ से 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कालू नदी के उफान से टिटवाला-फलेगांव मार्ग डूबा, 10 से अधिक गांवों का संपर्क टूटा।
Over 890 shifted to safe shelters amid floods in Palghar. Overflowing Kalu River submerged key bridges, snapping connectivity for over 10 villages.
पालघर में मूसलाधार बारिश (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Palghar Flood Heavy Rainfall Alert: मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। अब तक 218 परिवारों के 891 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं कई प्रमुख सड़कों पर यातायात अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। भारी बारिश को देखते हुए पालघर, दहानू और तलासरी तहसीलों के सभी स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है।

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण दहानू, तलासरी और पालघर तहसील के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दहानू तहसील के 169 परिवारों के 694 लोगों, तलासरी के 14 परिवारों के 65 लोगों तथा पालघर तहसील के 35 परिवारों के 128 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है।

रेल परिचालन प्रभावित

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 48 सहित दहानू, तलासरी, पालघर और विक्रमगढ़ तहसील के कई आंतरिक मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। दहानू रोड और पड़ोसी गुजरात के वलसाड के बीच बृहस्पतिवार सुबह रेल परिचालन प्रभावित रहा।

भारी बारिश और बाढ़ के कारण हुए जान-माल के नुकसान का पंचनामा शुरू कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में अभी भी पानी भरा हुआ है, वहां पानी उतरते ही सर्वे और पंचनामा की प्रक्रिया युद्धस्तर पर पूरी की जाएगी।

टिटवाला-फलेगांव मार्ग, रुंदे पुल व वालकस-वेहले पुल डूबा

कल्याण तहसील की कालू नदी उफान पर आ गई है। गुरुवार सुबह से टिटवाला-फलेगांव मार्ग पर स्थित रुंदे पुल और वालकस-वेहले पुल पूरी तरह पानी में डूब गए, जिसके बाद प्रशासन ने दोनों पुलों पर आवाजाही बंद कर दी। इससे फलेगांव क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों का टिटवाला और मुरबाड से संपर्क टूट गया है।

तहसीलदार विकास गरुड़कर ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलों पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। लोगों से दानबाव-खडवली मार्ग का उपयोग करने की अपील की गई है, जिसे वैकल्पिक मार्ग के रूप में चालू रखा गया है। रुंदे पुल पर गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पानी चढ़ गया, जबकि वालकस-वेहले पुल पर सुबह 6 बजे से पानी बहने लगा।

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