पालघर बाढ़ पर एक्शन मोड में सरकार, CM फडणवीस ने इंटीग्रेटेड रिलीफ प्लान और विशेष पैकेज के दिए निर्देश

Palghar Flood Relief Plan: पालघर बाढ़ से प्रभावित 4,197 परिवारों के लिए सीएम फडणवीस ने 'इंटीग्रेटेड रिलीफ प्लान' और वसई-विरार में बाढ़ रोकने के लिए 'होल्डिंग स्पॉट' बनाने के निर्देश दिए।
CM Devendra Fadnavis directs officials to draft an 'Integrated Relief Plan' for Palghar flood victims and create holding spots in Vasai-Virar.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समीक्षा बैठक (सोर्स- x)
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Palghar Flood Integrated Relief Plan Devendra Fadnavis: पालघर में आई भीषण बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 'इंटीग्रेटेड रिलीफ प्लान' तैयार करने का निर्देश दिया है। बिजली, पानी, दूरसंचार और सड़क सुविधाओं को बहाल करने के साथ ही उन्होंने प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा देने का आदेश दिया है। पालघर में हुई भारी बारिश से लगभग 4,197 परिवार प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय में पालघर के नुकसान की समीक्षा बैठक बुलाई थी।

इसमें आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन, वन मंत्री गणेश नाईक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पालघर और नाशिक जिले के लिए एक इंटीग्रेटेड रिलीफ प्लान तैयार किया जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को नियमों के प्रावधानों से अधिक मदद देने के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी जा सके।

उन्होंने कहा कि जनजीवन सामान्य करने के लिए लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और संबंधित एजेंसियां मुख्य सड़कों की पहचान कर युद्धस्तर पर काम करें। ऊर्जा विभाग के तहत महावितरण सहित तीनों बिजली कंपनियों को बिना रुकावट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के कदम उठाने चाहिए। नुकसान का जायजा लेकर तुरंत रिपोर्ट सरकार को भेजी जाए।

वसई-विरार में 'होल्डिंग स्पॉट' बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने वसई-विरार क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के लिए 'होल्डिंग स्पॉट' बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए उन जमीनों का इस्तेमाल करने के लिए कार्रवाई का निर्देश दिया है, जिनकी लीज समाप्त हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोंकण के रायगढ़ और रत्नागिरी जिले की तर्ज पर पालघर के लिए 'महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन' (मित्रा) के जरिए 'महाराष्ट्र रिस्पॉन्सिव डेवलपमेंट प्रोग्राम' के तहत प्लान तैयार किया जाए।

इससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बेहतर होगा और विश्व बैंक से फंड मिलने में मदद मिलेगी। क्षेत्र की मैपिंग कर एक 'बेस मैप' तैयार किया जाना चाहिए, जिसका इस्तेमाल विकास परियोजनाओं, जल निकासी (ड्रेनेज) प्रणाली और भविष्य के डेवलपमेंट प्लान में किया जा सके।

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