बुलढाणा जिले में 12वीं का पेपर लीक होने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, कही ये बात
- Written By: अखिलेश मिश्रा
मुंबई: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले (Buldhana District) में परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही 12 वीं के गणित का प्रश्न पत्र (12th Maths Question Paper) बाहर आने को लेकर विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। विपक्ष के नेता अजीत पवार (Ajit Pawar) ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सवाल किया कि यह सरकार सो रही है क्या? पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ (Varsha Gaikwad) ने भी नाराजगी जताई। सरकार की तरफ से जवाब देते हुए राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल (Radhakrishna Vikhe Patil) ने कहा कि पेपर लीक होने का मामला गंभीर है। इससे विद्यार्थियों को नुकसान होता है। इस संदर्भ में संबंधित अधिकारी और जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने बाबत निर्णय लिया जाएगा।
महाराष्ट्र राज्य शिक्षा परिषद की तरफ से 12वीं और 10वीं की परीक्षा शुरु है। शुक्रवार को 12वीं की गणित की परीक्षा थी। बुलढाणा जिले के सिंधखेड़ में परीक्षा शुरु होने के आधे घंटे पहले ही प्रश्न पत्र बाहर आ गया।
अजीत पवार ने उठाया मुद्दा
इसकी जानकारी मिलने के बाद विपक्ष के नेता अजित पवार ने मामले को बड़े ही आक्रामक तरीके से विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह नहीं मालूम है क्या कि इससे विद्यार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
सम्बंधित ख़बरें
Bhandara News: पेपर लीक मामले में केंद्रीय मंत्री इस्तीफे की मांग, सांसद प्रशांत पडोले का हमला
महाराष्ट्र में सियासी हलचल: सचिन अहीर के बाद किरण सरनाईक भी देंगे शिंदे गुट को समर्थन; बच्चू कडू का बड़ा बयान
मुंबई विश्वविद्यालय पेपर लीक मामला: ABVP का कुलपति कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन, CID जांच की मांग की
Navabharat Nishanebaaz: बागियों को बीजेपी का सहारा, विपक्षी दलों में फूट का नजारा
फिर आधे घंटे पहले पेपर कैसे आउट हो गया: वर्षा गायकवाड़
पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार के समय परीक्षा शुरू होने के बाद से लगातार समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। 12वीं के अंग्रेजी के पहले ही पेपर में दो-दो अंक के तीन प्रश्न गलत थे। उसके बाद मराठी के पेपर की जगह बच्चों को अंग्रेजी का पेपर मिला था। अब तीसरी घटना यह है कि बुलढाणा में आधा घंटा पहले ही पेपर बाहर आ गया। आख़िर सरकार कर क्या रही है? उन्होंने कहा कि कॉपी-फ्री परीक्षा के लिए विशेष दस्ता नियुक्त किया गया है, लेकिन मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दस मिनट पहले पेपर देने का फैसला किया। फिर आधे घंटे पहले पेपर कैसे आउट हो गया? ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।
