

Vijay Wadettiwar Kumbh Mela: धार्मिक भावनाओं को भड़काकर धर्म के नाम पर राजनीति करने और जनता का ध्यान मूलभूत समस्याओं से भटकाने का सरकार का प्रयास जारी है। कुंभ मेले के नाम पर भारी मात्रा में पैसा खर्च किया जा रहा है और 32,000 करोड़ के खर्च में से 20,000 करोड़ हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। यह गंभीर आरोप कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने लगाया।
वडेट्टीवार ने तंज कसते हुए कहा कि कुंभ मेले को लेकर सरकार द्वारा प्रकाशित पुस्तिका में यदि भ्रष्टाचार के 2-4 पन्ने भी छापे जाते तो जनता को पता चल जाता कि इन कामों का लाभ किसके रिश्तेदारों को हो रहा है। नेताओं पर सरकार की चापलूसी करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार पर दबाव बनाकर जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करवाना जरूरी है। वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार ने ओबीसी के साथ अन्याय करने का बीड़ा उठा लिया है।
जरांगे क्या करते हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। वडेट्टीवार ने बताया कि उन्होंने राज्य के ओबीसी नेताओं की बैठक भी बुलाई है। लक्ष्मण हाके से चर्चा करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने हाके को अच्छा कार्यकर्ता भी बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य के कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, सड़कों की हालत खराब है और शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसी स्थिति में प्रयागराज से प्रतिस्पर्धा करने के लिए इतना बड़ा खर्च करने की जरूरत क्या है? सरकारी पैसे के बल पर अपनी ही पीठ थपथपाने के लिए यह फिजूलखर्ची की जा रही है। वडेट्टीवार ने जाति-वार जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम रखने की मांग दोहराई। उन्होंने सवाल किया कि जाति पूछी जा रही है तो आधी लड़ाई कैसे जीत ली गई?
उन्होंने कुछ ओबीसी नेताओं पर सरकार की चापलूसी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार पर दबाव बनाकर जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करवाना जरूरी है। विजय वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार ने ओबीसी के साथ अन्याय करने का बीड़ा उठा लिया है।
जरांगे क्या करते हैं, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है। वडेट्टीवार ने बताया कि उन्होंने राज्य के ओबीसी नेताओं की बैठक भी बुलाई है। लक्ष्मण हाके से चर्चा करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने हाके को अच्छा कार्यकर्ता भी बताया।
भाजपा कार्यकर्ताओं को 'अंधभक्त' बताते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि कुछ लोग गलत तरीके से और अंधविश्वास के साथ काम करते हैं। राहुल गांधी ने जो कहा है वह सच है। उन्हें 56 नोटिस मिल चुकी हैं, फिर भी वे डरेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि मुंब्रा का नाम बदलने का मामला मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
वडेट्टीवार ने मंत्री नितेश राणे को चुनौती देते हुए कहा कि गुजरात के अहमदाबाद का नाम क्यों नहीं बदला गया? वहां जाकर आंदोलन करें। वहीं गोपीनाथ मुंडे को राजनीति में किनारे करने का प्रयास किया गया था। ऐसा दावा करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि उस समय पृथ्वीराज चव्हाण प्रधानमंत्री कार्यालय में थे और उन्हें इन सभी मामलों की जानकारी थी। इसी आधार पर उन्होंने कुछ बयान दिए होंगे।