आस्था व विश्वास का संगम बना महाकाली मंदिर, दूरदूर से पहुंच रहे श्रद्धालु, सुविधाओं के अभाव से बढ़ी परेशानी

महाकाली मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुविधाओं का अभाव। श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान आवश्यक।
garhchiroli-185
Published on
Updated on

Gadchiroli News: राज्य के आखिरी छोर पर बसे जिले में विभिन्न देवीदेवताओं के मंदिर की भरमार है. जिससे विभिन्न मंदिरों ने जिले के लोगों की श्रध्दाएं जुड़ी हुई हैं. ऐसे में जिले की चामोर्शी तहसील अंतर्गत आने वाले आष्टीआलापल्ली मार्ग पर बसे चौडमपल्ली समीपस्थ नेशनल हाईवे के पास बसे चौडमपल्ली की महाकाली माता मंदिर परिसर में काफी प्रसिध्द है. विशेषत इस मंदिर से अनेक श्रध्दालुओं की आस्था जुड़ी है. जिससे यहां पर बड़े पैमाने श्रध्दालु आकर पूजाअर्चना करते है.

चौडमपल्ली में राष्ट्रीय महामार्ग के कुछ दूरी पर जंगल परिसर में माता महाकाली का मंदिर स्थित है. यह मंदिर परिसर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है. इस मंदिर में पूजाअर्चना करने अनेक श्रद्धालु पहुंचते है. बताया जाता है कि मंदिर काफी पावन है, यह एक जागृत देवस्थान है. जिसके चलते परिसर के अनेक श्रध्दालुओं की श्रध्दा मंदिर से जुड़ी है. आए दिन श्रध्दालु महाकाली माता की पूजाअर्चना करने के लिए मंदिर पहुंच रहे है.बॉक्स हेतुमनोकामनाएं होती हैं पूरीआष्टीआलापल्ली मार्ग पर स्थित चौडमपल्ली गांव के पास जंगल परिसर में माता महाकाली का मंदिर है.

मुख्य मार्ग से आवागन करने वाले प्रत्येक वाहनधारक अपनी वाहन रोककर मंदिर में पहुंचकर माता के दर्शन करते है. और सफर सुखमय हो, ऐसी प्रार्थना करते है. विशेषत महाकाली माता मंदिर में मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होने के कारण श्रध्दालु मंदिर में स्वेच्छा से भोजनदान कार्यक्रम का आयोजन करते है. वहीं आए दिन मंदिर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता

महाकाली माता मंदिर परिसर में अब तक किसी भी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है. जिसका खामियाजा मंदिर में आने वाले श्रध्दालुओं को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मंदिर परिसर में श्रध्दालुओं को बैठने के लिए आसन नहीं है. इसके अलावा यहां पर पानी, बिजली सुविधाओं का भी अभाव है. जिससे मंदिर परिसर में सुविधा उपलब्ध कराकर श्रध्दालुओं को राहत देने की मांग परिसर के श्रध्दालुओं द्वारा की जा रही है.

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com