नासिक में टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने की मांग पर अड़े हिंदुत्ववादी संगठन, उपमहापौर ने दिया जवाब

Tipu Sultan Photo Controversy: नासिक के मालेगांव मनपा में डिप्टी मेयर के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर विवाद कर हिंदुत्ववादी संगठनों ने विरोध किया, सपा कार्यकर्ताओं ने जवाबी प्रदर्शन किया।
Tipu Sultan Photo Controversy
टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर मालेगांव मनपा में विवाद(फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Controversy Escalates In Nashik: मालेगांव महानगरपालिका में डिप्टी मेयर शानेहिंद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर हिंदुत्ववादी संगठनों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी खींचतान देखने को मिल रही है, जिससे मनपा का माहौल काफी गरमा गया है।

विवाद की शुरुआत उपमहापौर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाने से हुई। इसके विरोध में हिंदुत्ववादी कार्यकर्ता छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर हाथों में लेकर उपमहापौर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दफ्तर के शुद्धिकरण की मांग करते हुए टीपू सुल्तान के चित्र का पुरजोर विरोध किया।

गोमूत्र से शुद्धिकरण पर अड़े हिंदुत्ववादी नेता

दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी अपनी लाल टोपी पहनकर और संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर हाथ में लेकर मनपा इमारत के भीतर पहुंच गए और नारेबाजी की। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मनपा परिसर में तनाव व्याप्त हो गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

दफ्तर बंद रहने के बाद भी हिंदुत्ववादी संगठनों का आक्रोश कम नहीं हुआ। हिंदुत्ववादी नेता शाम देवरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मालेगांव में टीपू सुल्तान का महिमामंडन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने बंद दफ्तर के बाहर गोमूत्र और छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर रखकर प्रदर्शन किया तथा टीपू सुल्तान का चित्र स्थायी रूप से हटाए जाने की मांग पर अड़े रहे।

Tipu Sultan Photo Controversy
मध्य-पूर्व संकट का असर: मुंबईकरों पर ईंधन महंगाई की मार, CNG-PNG के दाम बढ़े; आज से होगी नई कीमतें लागू

संविधान के रास्ते लड़ी जाएगी आगे की लड़ाई

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने कहा, "देश और महाराष्ट्र के लिए बलिदान देने वाली महान हस्तियों का सम्मान होना चाहिए। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान में जिन्हें 'शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान' लिखा है, उनकी तस्वीर दफ्तर में लगाने में कुछ गलत नहीं है।

पुलिस ने मुझे फोटो हटाने का पत्र दिया था, जिसका मैंने पुलिस और नगर सचिव को लिखित जवाब सौंप दिया है। 2 दिनों में जवाब आने के बाद यदि पुलिस फोटो हटाने को कहेगी, तो फोटो हटाकर संविधान के दायरे में आगे की कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

विवाद को और बढ़ने से रोकने के लिए उपमहापौर कार्यालय को 2 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। पिछले गुरुवार को शिवसेना के पार्षद और पदाधिकारी मनपा हेडक्वार्टर पहुंचे थे और डिप्टी मेयर शान-ए-हिंद के हॉल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था और जोरदार नारे लगाए थे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com