नकली प्याज को लेकर नाफेड और एनसीसीएफ चला रही अभियान, 16 प्याज स्टोरेज सेंटर का किया निरीक्षण
नासिक के कई इलाकों से नकली प्याज खरीदने की शिकायतें दर्ज हो रही थी। सोमवार को नासिक जिले में 16 जगहों पर नाफेड और एनसीसीएफ के स्टोरेज सेंटर का निरीक्षण किया गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्याज (सौ. सोशल मीडिया )
Nashik News In Hindi: पिंपलगांव बी नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा नकली प्याज खरीदे जाने की शिकायतें दिन-प्रतिदिन बढ़ रही थीं। साथ ही, कुछ शिकायतें सीधे केंद्र सरकार को भी की गई थीं, इसलिए केंद्रीय टीम ने शनिवार और सोमवार को नासिक जिले में 16 स्थानों पर नाफेड और एनसीसीएफ के क्रय एवं भंडारण केंद्रों का निरीक्षण किया।
स्थानीय अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। चूंकि उन्हें अंधेरे में रखा गया था, इसलिए इस अचानक निरीक्षण से नाफेड अधिकारी स्तब्ध रह गए।
स्थानीय अधिकारियों को नहीं दी गयी जानकारी
गृह मंत्रालय, उपभोक्ता मामले और खाद्य निगम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए पुलिस सुरक्षा में लासलगांव, पिपलगांव, ताहराबाद, उमराने, देवला, विंचूर सहित कुल 16 स्थानों पर प्याज भंडारण का निरीक्षण किया। इसके लिए इन अधिकारियों की चार टीमें बनाई गई थी प्रत्येक केंद्र पर संग्रहीत प्याज और उसकी प्रति की जाँच की गई।
सम्बंधित ख़बरें
CIDCO और NAINA की जमीनें वापस लेगी महाराष्ट्र सरकार, मंत्री बावनकुले ने दिया आदेश, जानें क्या है पूरा मामला
पुणे MHADA का धमाका: ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 295 फ्लैटों की बिक्री; 4 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
ठाणे में जलकर खाक हुई शिवशाही बस; धधकती आग से दमकलकर्मियों ने निकाला यात्री का 3 तोला सोना
साढ़े तीन शक्तिपीठों में से एक ‘सप्तश्रृंगी गढ़’ में बड़ी चोरी; मंदिर से 22 किलो चांदी गायब, प्रशासन में हड़कंप
अधिक कीमत पर बिक्री
यह बात सामने आई थी कि कुछ राजनीतिक नेता और व्यापारी किसान उत्पादक कंपनी के नाम पर नाफेड द्वारा संग्रहीत प्याज खरीदकर उसे खुले बाजार में अत्यधिक कीमत पर बेच रहे थे। इस मामले की शिकायत केंद्र सरकार से की गई थी।
ये भी पढ़ें :- नासिक कुंभ मेले से पहले हुई बैठक, संत, महंत और अखाड़ा प्रतिनिधियों ने जतायी नाराजगी
इसके बाद, दो दिवसीय निरीक्षण किया गया और वास्तविक स्टॉक व सभी दस्तावेजों की जाँच की गई। किसानों के नाम पर गलत नाम और पते बताकर सरकार और किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी। केंद्रीय टीम द्वारा निरीक्षण के बाद एक निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी और केंद्र सरकार से किसानों को राहत मिलेगी।
