

Nashik Bell Ringing Agitation: नासिक अपनी लंबित आर्थिक मांगों को लेकर नासिक संभाग के एसटी कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। संयुक्त कृति समिति के आह्वान पर सोमवार, 15 जून को संभाग के सभी डिपो में सामूहिक 'महाआरती और घंटानाद' आंदोलन किया गया। प्रशासन को नींद से जगाने के लिए कर्मचारियों ने डिपो परिसरों में जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न कर्मचारी संगठनों का एक मंच पर आना रहा। नासिक शहर-1, नासिक-2, पेठ, कलवण, सटाणा, पिंपलगांव, मालेगांव, नांदगांव, मनमाड, लासलगांव, सिन्नर, येवला और इगतपुरी सहित सभी डिपो के कर्मचारी वैचारिक मतभेद भुलाकर एक झंडे के नीचे जुट गए। विभागीय कार्यालय के सामने आयोजित महाआरती में स्वप्नील गडकरी, योगेश लिंगायत, रमेश दोबाडे, यशवंत राऊत, विक्रांत दिघे और सुभाष जाधव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
महंगाई भत्ताः बकाया राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मकान किराया भत्ताः 10%. 20% और 30% की दर से भत्ता तुरंत लागू किया जाए। वेतन वृद्धिः वर्ष 2016 से 3% वेतन वृद्धि की दर को निश्चित किया जाए, राज्य सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर एसटी कर्मचारियों को भी वेतनमान का लाभ दिया जाए, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो आआंदोलन को और तीव्र किया जाएगा 22 जूनः सभी डिपो के मुख्य द्वारों पर द्वार सभा का आयोजन, 29 जूनः यदि मांगे पूरी नहीं हुई, तो अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा।