नासिक: MIDC में ग्रामपंचायत संपत्ति कर वसूली को रोकने की मांग को लेकर SIMA ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

Sinnar MIDC Property Tax: सिमा ने सिन्नर सहित सभी MIDC क्षेत्रों में ग्रामपंचायत संपत्ति कर वसूली रोकने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
Sinnar MIDC Property Tax Dispute Reaches Collector In Nashik
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए (सोर्स: नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Sinnar MIDC Property Tax Dispute: नासिक जिले के सिन्नर इंडस्ट्रियल एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (सिमा) ने सिन्नर एमआईडीसी सहित राज्य के सभी MIDC औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रामपंचायत संपत्ति कर के निर्धारण और उसकी वसूली को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। इस संबंध में सिमा के एक प्रतिनिधिमंडल ने नाशिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद से मुलाकात कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा।

ज्ञापन में दावा किया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 27 मई के अपने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में MIDC विशेष नियोजन प्राधिकरण के रूप में नागरिक सुविधाएं प्रदान कर रही है, वहां ग्रामपंचायतों द्वारा संपत्ति कर लगाना कानूनी रूप से मान्य नहीं है।

टैक्स वसूली को तुरंत रोकी जाए

सिमा के सचिव बबन वाजे और सह-सचिव मुकेश देशमुख ने जिलाधिकारी को सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का संदर्भ देते हुए इसे तुरंत लागू करने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सिन्नर MIDC सहित अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण, जलापूर्ति, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाएं सीधे MIDC द्वारा प्रदान की जाती हैं।

ऐसे में उद्योगों से ग्रामपंचायत द्वारा संपत्ति कर वसूलना शीर्ष अदालत के फैसले की मूल भावना के खिलाफ है। इसके अलावा, संगठन ने मांग की है कि राज्य के सभी MIDC क्षेत्रों के लिए एक समान नीति घोषित की जाए, टैक्स वसूली तुरंत रोकी जाए और पहले वसूले जा चुके टैक्स को लेकर सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे।

अब आगे क्या होगा?

जिल्हाधिकारी आयुष प्रसाद ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए विषय की गंभीरता पर संज्ञान लिया। सिमा के पदाधिकारियों के अनुसार, जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि इस विषय पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से चर्चा कर कानूनी व प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राज्य के हजारों उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और उद्योगों पर से अनुचित आर्थिक बोझ कम करने के लिए संगठन आगे भी इसका अनुवर्ती प्रयास जारी रखेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com