

Nashik Shirdi Railway Project: नासिक और शिर्डी के बीच प्रस्तावित नई दोहरी रेललाइन परियोजना ने गति पकड़ ली है। राज्य के इन दो प्रमुख धार्मिक केंद्रों को सीधे रेल संपर्क से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। लगभग 80 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग के लिए नासिक और सिन्नर तालुका के कुल 32 गांवों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और कार्रवाई शुरू हो गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सिन्नर और नासिक तालुका के निम्नलिखित गांवों की भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा सिन्नर तालुकाः कुंदेवाडी, वडझिरे, दातली, पाथरे खुर्द, दुसुंगवाडी, खोपडी खुर्द, पांगरी खुर्द, मलढोण, खंबाले, कुंदेवाडी माजरे, सिन्नर, फुलेनगर, ब्राह्मणवाडे, मुसलगाव, देशवंडी, जायगाव, पांगरी बुद्रुक, वावी, सायाले, पाटपिंप्री, बारागावपिंप्री, भोकणी और सुंदरपूर। नासिक तालुकाः विहितगाव, बेलतगव्हाण, चांदगिरी, जाखोरी, देवलाली, चेहेडी बुद्रुक, संसारी, मोहगाव और बाभलेश्वर
नासिक और शिर्डी देश के सबसे बड़े धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक हैं, जहाँ सालाना लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। अभी तक इन दोनों शहरों के बीच सीधे रेल संपर्क का अभाव था, जिसे यह परियोजना पूरा करेगी। इस नए मार्ग के बनने से नासिक से शिर्डी का सफर तेज, सुरक्षित और सुगम होगा।
पर्यटन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। स्थानीय उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जहाँ नासिक-पुणे सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना तकनीकी दिक्कतों और विरोध के चलते लंबित है, वहीं सरकार ने नासिक-शिर्डी मार्ग को प्राथमिकता देते हुए इसे तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, कसारा-नासिक-मनमाड नई दोहरी रेललाइन को भी केंद्र सरकार की मंजूरी और निधि मिल चुकी है। इन सभी रेल परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नासिक देश के रेलवे मानचित्र पर एक मजबूत जंक्शन के रूप में उभरेगा।