नासिक में बादल फटने का खतरा टला पर घाटमाथा समेत 6 तहसीलों में तेज बारिश, SDRF तैनात, कुछ रूट बंद भी की गई बंद

Nashik Heavy Rain: नासिक में बादल फटने का खतरा टल गया, लेकिन छह तहसीलों में मूसलाधार बारिश जारी रही। एसडीआरएफ तैनात, संवेदनशील मार्ग बंद, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
SDRF Deployed In Nashik Heavy Rain Cloudburst Alert Roads Closed Weather Update
भारी बारिश से आई बाढ़ (फोटो नवभारत)
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SDRF Deployed In Nashik Heavy Rain: नासिक जिले पर मंडरा रहा संभावित बादल फटने का खतरा मंगलवार को टल गया, हालांकि घाटमाथा सहित त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, सुरगाणा, नासिक शहर एवं ग्रामीण, पेठ तथा दिंडोरी तहसीलों में मूसलाधार बारिश हुई। जिले में कहीं भी बादल फटने जैसी स्थिति दर्ज नहीं की गई है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।

संभावित आपात स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क रखते हुए आवश्यक एहतियाती उपाय जारी रखे हैं। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को जिले में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई थी। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट कर दिया था।

हालांकि मंगलवार सुबह आठ बजे मौसम केंद्र की ओर से जारी अद्यतन जानकारी में बताया गया कि खतरा काफी हद तक टल गया है। विभाग के अनुसार पालघर क्षेत्र में रविवार को लगभग 450 मिमी वर्षा कराने वाला वातावरणीय चक्रवात उत्तर दिशा में सूरत तथा दक्षिण दिशा में अकोले (अहिल्यानगर) की ओर खिसक गया है, जिससे नासिक जिले पर मंडरा रहा संभावित खतरा काफी कम हो गया है। घाटमाथा क्षेत्र में अब भी तेज बारिश जारी है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।

बारिश पहुंचा रही लगातार छती

जिलाधिकारी आयुष प्रसाद के मार्गदर्शन में सभी विभागीय अधिकारी क्षेत्र में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इगतपुरी में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक टीम तैनात की गई है। भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

एहतियात के तौर पर देवला तहसील में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए भावडबारी घाट को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं पहिने-भिलमाल रूट पर बना अस्थायी पुल बह जाने के कारण यातायात को वैकल्पिक मार्ग से मोड़ा गया है और वहां पुलिस बल तैनात किया गया है।

कौटंबी घाट में पत्थर की दीवार ढह जाने के बाद जेसीबी और डंपर की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है। प्रयागतीर्थ-तलवाडे का कच्चा मार्ग पानी में डूब जाने के कारण उसे भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

प्रशासन ने उठाये ये महत्वपूर्ण कदम

जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने इगतपुरी तहसील के नांदगांव सदो-भावली रूट पर स्थित दारणा नदी के पुल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी का जलस्तर बढ़ी तो आवश्यकता पड़ने पर पुल को यातायात के लिए तुरंत बंद किया जाए। इस दौरान सहायक जिलाधिकारी एवं प्रांताधिकारी डॉ. जी. वी. एस. पवनदत्ता तथा तहसीलदार अभिजीत बारावकर उपस्थित थे।

दूसरी ओर, सहायक जिलाधिकारी एवं नासिक की उपविभागीय अधिकारी अर्पिता ठुबे ने गंगापुर और काश्यपी बांध, सोमेश्वर जलप्रपात, जलालपुर तथा महादेवपुर घाट क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पर्यटन स्थलों पर पुलिस बंदोबस्त बढ़ा दिया गया है तथा तलाठी, मंडल अधिकारी और राजस्व कर्मचारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे झरनों, घाट क्षेत्रों तथा नदी किनारे के खतरनाक स्थानों पर जाने से बचें। साथ ही मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने का भी आग्रह किया गया है।

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