डामर के दामों पर अड़े ठेकेदार, अटका 165 KM सड़कों का काम! वर्क ऑर्डर नाकारने पर नासिक मनपा व स्थायी समिति सख्त

Nashik Road Repairs: नासिक में 165 किलोमीटर सड़कों की 135 करोड़ रुपये की मरम्मत योजना ठेकेदारों के वर्क ऑर्डर स्वीकार न करने से अटक गई है। 77 ठेकेदारों पर कार्रवाई के संकेत हैं।
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नासिक सड़क मरम्मतAI जनरेटेड इमेज
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Nashik Road Repairs Contracts: नासिक शहर में 165 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत के लिए 135 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया पूरी होने और स्थायी समिति की स्वीकृति मिलने के बावजूद 77 कार्यों के वर्क ऑर्डर ठेकेदारों द्वारा स्वीकार न किए जाने से काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।

डामर की बढ़ती दरों के चलते स्टार रेट लागू करने की मांग पेंडिंग होने के कारण ठेकेदारों ने काम स्वीकार करने से अपने हाथ पीछे खींच लिए हैं। इस गंभीर स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मनपा प्रशासन और स्थायी समिति ने वर्क ऑर्डर नाकारने वाले ठेकेदारों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने और उन्हें काली सूची में डालने के सख्त संकेत दिए हैं।

फंड उपलब्ध होने पर भी काम शुरू नहीं

महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड सहित विभिन्न सेवा प्रदाताओं द्वारा शहर में पाइपलाइनों के लिए की गई खुदाई के बाद कई सड़कों को उनकी पूर्व स्थिति में नहीं बनाया गया है। रास्तों पर बने गड्डों और उबड़-खाबड़ सड़कों के कारण आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए मनपा ने अप्रैल में सड़क मरम्मत कार्य की प्रक्रिया शुरू की थी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए वर्ष 2026-27 के बजट से 75 करोड़ रुपये और पिछले वर्ष के अनिष्पादित फंड से 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्थायी समिति की बैठक के दौरान सदस्यों ने इस बात पर कड़ा रोष जताया कि जब फंड उपलब्ध है और प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है, तो आखिर प्रत्यक्ष काम जमीन पर क्यों शुरू नहीं हो पा रहा है। सदस्यों ने सीधा आरोप लगाया कि यदि ठेकेदार स्टार रेट के फैसले का इंतजार करते हुए वर्क ऑर्डर लेने में टालमटोल कर रहे हैं, तो निर्माण विभाग ने समय रहते उन पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की।

सड़क मरम्मत में देरी के मुख्य कारण

गैस पाइपलाइन और अन्य कार्यों के लिए सड़कों की गई अनियोजित खुदाई। स्टार रेट लागू करने की मांग को लेकर ठेकेदारों द्वारा काम टालना। प्रशासनिक स्तर पर समयबद्ध कार्रवाई का अभाव जिसके चलते काम अधर में लटका है।

प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश और नए टेंडर की तैयारी

शहर इंजीनियर संजय अग्रवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्क ऑर्डर अस्वीकार करने वाले सभी संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

जिन ठेकेदारों ने वर्क ऑर्डर नहीं लिया है, उनसे काम वापस लेकर उसे शेष बचे ठेकेदारों के माध्यम से पूरा कराया जाएगा, वहीं, स्थायी समिति के सभापति मच्छिंद्र सानप ने कड़े निर्देश दिए है कि वर्क ऑर्डर न लेने वाले ठेकेदारों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू की जाए।

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इस योजना और विवाद से जुड़ी मुख्य बातें

नासिक शहर में 165 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत के लिए 135 करोड रुपये की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। डामर की बढ़ती दरों के कारण स्टार रेट की मांग करते हुए 77 कार्यों के वर्क ऑर्डर ठेकेदारों ने स्वीकार नहीं किए हैं। मनपा प्रशासन और स्थायी समिति ने वर्क ऑर्डर न लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।

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