नासिक विसर्जन में सियासी टकराव; ठाकरे गुट ने BJP मंच पर बजाया शिवसेना गीत, जमकर हुआ हंगामा
Nashik News: नासिक गणेश विसर्जन जुलूस में ठाकरे गुट के पूर्व विधायक वसंत गीते ने BJP मंच के सामने शिवसेना का गाना बजाया। इस दौरान दोनों गुट आमने-सामने आए, जिससे माहौल गरमा गया।
- Written By: सोनाली चावरे
नासिक गणेश विसर्जन शिवसेना- भाजपा में झड़प (pic credit; social media)
BJP- Shivsena Political clash during Ganesh Immersion: गणपति बप्पा मोरया के जयकारों और ढोल-ताशों की थाप के बीच रविवार को नासिक में गणेश विसर्जन जुलूस बेहद उत्साह के साथ निकला। लेकिन इसी जुलूस के दौरान एक बड़ा सियासी हंगामा देखने को मिला। ठाकरे गुट और बीजेपी आमने-सामने आ गए।
दरअसल, ठाकरे गुट के पूर्व विधायक वसंत गीते और महानगर प्रमुख प्रथमेश गीते के समर्थकों ने बीजेपी के मंच के ठीक सामने शिवसेना का गाना बजाना शुरू कर दिया। इस दौरान गीते के समर्थक गानों और नारों के जरिए बीजेपी पर जमकर तंज कसते नजर आए। माहौल देखते ही देखते राजनीतिक रंग में रंग गया।
बीजेपी समर्थकों ने इस विरोध का जवाब भी उसी अंदाज में दिया। बीजेपी के पदाधिकारी मंच से खड़े होकर गीते समर्थकों को चुनौती देने लगे। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल कुछ देर के लिए बेहद गरम हो गया। हालांकि पुलिस और आयोजकों ने बीच-बचाव कर स्थिति को काबू में कर लिया।
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गणेश विसर्जन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में राजनीतिक तकरार ने सभी को चौंका दिया। श्रद्धालुओं ने इसे परंपरा में खलल बताकर नाराजगी भी जताई। वहीं समर्थकों का कहना था कि राजनीति और जुलूस दोनों साथ-साथ चलते हैं और जनता को यह सब देखना जरूरी है।
नासिक में हुए इस घटनाक्रम के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि क्या ठाकरे गुट और बीजेपी के बीच सियासी खींचतान अब और तेज होगी। खासकर गणेशोत्सव जैसे मौके पर हुआ यह टकराव दोनों दलों की कड़वाहट को और बढ़ा सकता है।
गौरतलब है कि राज्यभर में गणेश विसर्जन जुलूस धूमधाम से निकाले जा रहे हैं। हर जगह भक्त बप्पा को डोल-ताशों और नारों के बीच विदाई दे रहे हैं। लेकिन नासिक की इस घटना ने धार्मिक माहौल को राजनीतिक जंग का मंच बना दिया।
भले ही कुछ देर बाद माहौल सामान्य हो गया, लेकिन इस टकराव ने यह साफ कर दिया कि महाराष्ट्र की राजनीति में गणेशोत्सव जैसे धार्मिक अवसर भी सियासी रंग से अछूते नहीं रह गए हैं।
