Nashik Fuel Crisis: नासिक के पेट्रोल पंपों पर लगा 'नो स्टॉक' का बोर्ड, मनमाड डिपो से आपूर्ति ठप

Nashik Fuel Shortage Crisis: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण नासिक जिले में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मनमाड डिपो से सप्लाई घटने से कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है।
Fuel crisis hits Nashik due to disrupted supply from Manmad depot amid West Asia war, leading to 'no stock' boards and long queues at petrol pumps.
नासिक जिले में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Nashik Fuel Crisis: नासिक खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन नाशिक जिले में स्थानीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने आ रही है। इसके चलते कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो गया है और कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

नासिक जिले के सभी पेट्रोल पंपों को ईंधन की आपूर्ति मनमाड स्थित ऑयल डिपो से की जाती है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इस डिपो से नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, कई स्थानों पर टैंकर देर से पहुंच रहे हैं, जिससे ईंधन का स्टॉक कम पड़ रहा है। कुछ पंपों पर पेट्रोल या डीजल में से एक या दोनों ईंधन अस्थायी रूप से उपलब्ध नहीं हैं। जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंप में ईंधन नहीं है के बोर्ड लगा दिए गए हैं।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने बिगाड़ा खेल

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में संभावित वृद्धि को देखते हुए तेल कंपनियों द्वारा आपूर्ति में कटौती किए जाने का आरोप भी लगाया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। रविवार को मनमाड डिपो बंद होने के कारण उस दिन ईंधन की आपूर्ति नहीं हो सकी। इसके बाद सोमवार और मंगलवार को आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन मांग के मुकाबले यह पर्याप्त नहीं रही। बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक तेजी से समाप्त हो रहा है। इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध है।

जरूरत के हिसाब से वाहनों में भराएं ईंधन

इस स्थिति से वाहन चालकों में चिंता और असमंजस का माहौल है। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने वाहनों की टंकियां फुल करवा लीं, जिससे अचानक मांग बढ़ गई और आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। परिणामस्वरूप शहर और जिले के कई पेट्रोल पंपों पर पूरे दिन वाहनों की कतारें लगी रहीं। पेट्रोल पंप संचालकों ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आवश्यकता अनुसार ही ईंधन भरवाएं। साथ ही, आपूर्ति को सामान्य करने के लिए संबंधित तेल कंपनियों और प्रशासन स्तर पर प्रयास जारी हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

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