नासिक के विकास को मिलेगी रफ्तार: कैबिनेट बैठक में रिंग रोड, सिंचाई और कुसुमाग्रज प्रतिष्ठान को करोड़ों मंजूरी

Nashik News: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने नासिक के लिए बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। अंबोली सिंचाई परियोजना के लिए ₹49.26 करोड़, रिंग रोड के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट और सांस्कृतिक अनुदान स्वीकृत।
Maharashtra cabinet approved 49.26 cr for Nashik's Amboli irrigation project, stamp duty relief for the upcoming Ring Road, and annual grants for cultural bodies.
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Cabinet Decisions Infrastructure Development: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में नासिक जिले के विकास को गति देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सिंचन परियोजनाओं, नासिक परिक्रमा मार्ग (रिंग रोड), साहित्य-संस्कृति क्षेत्र तथा जलसंपदा विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं के लिए बड़ी आर्थिक मंजूरियां प्रदान की गईं।

नासिक जिले के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही अंबोली-वेलुंजे प्रवाही वलण योजना परियोजना के लिए 49 करोड़ 26 लाख रुपये के निधि प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना से क्षेत्र की सिंचन क्षमता में वृद्धि होगी और किसानों को वर्षभर पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

नासिक रिंग रोड के लिए स्टांप शुल्क में बड़ी राहत

नासिक शहर की यातायात समस्या के दीर्घकालिक समाधान के रूप में विकसित किए जा रहे नासिक परिक्रमा मार्ग के लिए आवश्यक भूमि खरीद पर स्टांप शुल्क में छूट देने का निर्णय भी मंत्रिमंडल ने लिया है। इससे परियोजना की लागत कम होगी और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेजी मिलने की संभावना है।

कुसुमाग्रज प्रतिष्ठान को मिलेगा वार्षिक अनुदान

नासिक की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के उद्देश्य से कुसुमाग्रज प्रतिष्ठान को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का अनुदान देने की मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-27 से यह अनुदान महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति मंडल की 'साहित्य संस्थाओं को अनुदान' योजना के अंतर्गत दिया जाएगा।

इससे साहित्य, संस्कृति और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। राज्य के सिंचाई परियोजनाओं के बांधों में जमा गाद और गाद मिश्रित रेत निकालने के लिए संशोधित नीति को भी मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार इस नीति से जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी, किसानों को उपजाऊ गाद उपलब्ध होगी और बांधों के संरक्षण में सहायता मिलेगी।

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