कम बारिश का असर: नासिक के ग्रामीण इलाकों में गहराया जल संकट; टैंकरों पर निर्भर हुए गांव

Nashik Water Crisis: नासिक जिले में कम बारिश और बढ़ती गर्मी के कारण ग्रामीण इलाकों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। जलस्तर गिरने से प्रशासन को गांवों में टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करनी पड़ी है।
Impact of Low Rainfall: Water Crisis Deepens in Rural Nashik; Villages Become Dependent on Tankers
नासिक जल संकट( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Rural Water Shortage: नासिक पिछले वर्ष की तुलना में इस साल बारिश की औसत मात्रा में आई कमी का असर अब ग्रामीण इलाकों में दिखने लगा है। मार्च महीने से शुरू हुई पानी की किल्लत अप्रैल के तपते सूरज के साथ और भी भीषण हो गई है।

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर गिरने के कारण पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अब तक 40 गांवों और 87 वाडियों (बस्तियों) में टैंकरों के जरिए जलापूर्ति शुरू कर दी है।

बारिश के आंकड़ों में भारी गिरावट मौसम विभाग और जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, कम बारिश ही इस संकट की मुख्य वजह है साल 2024 में जिले में 1035 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।

इसके विपरीत, साल 2025 में मानसून कमजोर रहा और केवल 772.2 मिलीमीटर बारिश हुई। कम बारिश और बढ़ती गर्मी के कारण कुएं, बोरवेल और छोटे जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए भटकने की नौबत आ गई है।

तहसीलवार आपूर्ति की स्थिति

इगतपुरी 3 गाद 24 वाडी (7 टैंकर मालेगांव 6 गांव, 23 वाडी चांदवड 4 गांव, 2 वाडी। सिन्नर 26 वाडी। पेठ 3 गाय, 1 वाडी।

प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्य

पानी की कमी को देखते हुए जिला प्रश्वसन ने तत्काल राहत के तौर पर निम्नलिखित कदम उठाए हैं- वर्तमान में जिले में 44 टैंकर तैनात किए गए है। गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में 16 निजी कुओं का अधिग्रहण किया गया है ताकि जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके, येवला तहसील की स्थिति सबसे विकराल है, जहां 16 गांदी और 8 वाडियों सहित कुल 31 स्थानों पर जलसंकट है। अकेले यहाँ 19 टैंकर चलाए जा रहे हैं।

भविष्य की तैयारीः 7 करोड़ का एक्शन प्लान

मई महीने में गमर्मी और बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला परिषद और भूजल सर्वेक्षण विभाग ने 'पेयजल किल्लत निवारण कार्ययोजना तैयार की है,अक्टूबर 2025 से जून 2026 तक के लिए 7 करोड़ 38 लाख 25 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। यदि संकट बढ़ता है। तो 260 गांवों और 586 वाडियों के लिए कुल 162 टैंकरों का नियोजन किया

जिले की वर्तमान स्थितिः एक नजर में

क्रमांक विवरण आंकड़े
1 कुल प्रभावित स्थान (गांव/वाडी) 127
2 प्रभावित जनसंख्या 74,395
3 सक्रिय टैंकरों की संख्या 44
4 अधिग्रहित कुएं 16
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