मानसून की मार से नासिक में सब्जियों के दाम 30% तक बढ़े, महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट

Nashik Vegetable Prices Rise: मानसून में देरी से नासिक मंडी में सब्जियों की आवक घटी। टमाटर, हरी मिर्च, धनिया समेत कई सब्जियां 20-30% महंगी हुईं, जिससे आम लोगों का रसोई बजट बिगड़ गया।
Nashik Vegetable Prices Rise Due To Delayed Monsoon In Mandi
नासिक सब्जी मंडी (फोटो नवभारत)
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Nashik Vegetable Prices Rise Due To Delayed Monsoon: राज्य में इस साल मानसून में हुई लंबी देरी का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है। बारिश टलने के कारण सब्जियों के उत्पादन में भारी गिरावट आई है और बाजार में आवक भी काफी मंदा हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, पिछले एक सप्ताह से सब्जियों की कीमतों में 20% से 30% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।

जुलाई का महीना शुरू होने के बावजूद नासिक जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में नई फसल तैयार नहीं हो सकी। शुरुआत में तेज गर्मी और उसके बाद लंबे समय तक बारिश नहीं होने के कारण मेथी, पालक, धनिया जैसी पत्तेदार सब्जियों के साथ अन्य मौसमी फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।

किसानों का कहना है कि पर्याप्त नमी नहीं मिलने से कई फसलें समय से पहले ही खराब होने लगी हैं, जिससे बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली सब्जियों की उपलब्धता घट गई है।

नासिक मंडी में आवक कम होने से बढ़ीं कीमतें

नासिक कृषि उपज मंडी समिति में इन दिनों सब्जियों की आवक सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम हो गई है। विशेष रूप से टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, तोरई, करेला, नेनुआ और ग्वार फली जैसी सब्जियों की कमी देखने को मिल रही है।

थोक बाजार में टमाटर 25 रुपये प्रति किलो, तोरई 60 रुपये, करेला 55 रुपये, ग्वार फली 50 से 55 रुपये, हरी मिर्च 45 से 50 रुपये, नेनुआ 40 से 45 रुपये तथा भिंडी 35 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं हरा धनिया 65 से 70 रुपये प्रति जुड़ी तक पहुंच गया है।

खुदरा बाजार में यही सब्जियां थोक दरों से 20 से 30 प्रतिशत अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। पहले से ही बढ़ती महंगाई, ईंधन और किराना वस्तुओं की ऊंची कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए सब्जियों की यह नई महंगाई अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गई है।

कई शहरों की सप्लाई पर भी असर

नासिक जिला महाराष्ट्र का प्रमुख सब्जी उत्पादक क्षेत्र माना जाता है और यहां से बड़ी मात्रा में सब्जियां मुंबई, पुणे तथा गुजरात के विभिन्न शहरों में भेजी जाती हैं। लेकिन स्थानीय मंडी में आवक कम होने से इन क्षेत्रों में होने वाली आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन में और गिरावट आ सकती है। इससे बाजार में सब्जियों की उपलब्धता और कम होगी तथा कीमतों में एक और बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मानसून सक्रिय होने के बाद ही नई फसल बाजार में पहुंचेगी और तब जाकर सब्जियों के दाम सामान्य होने की संभावना बनेगी। फिलहाल किसान, व्यापारी और उपभोक्ता सभी की निगाहें मानसून की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।

थोक बाजार में सब्जियों के भाव

सब्जी थोक भाव
टमाटर ₹25/किलो
तोरई ₹60/किलो
करेला ₹55/किलो
ग्वार फली ₹50–55/किलो
हरी मिर्च ₹45–50/किलो
नेनुआ ₹40–45/किलो
भिंडी ₹35/किलो
हरा धनिया ₹65–70/जुड़ी
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