मंत्री आशिष शेलार ने कहा- MPSC परीक्षा अब होगी कंप्यूटर आधारित, निजीकरण नहीं होगा

MPSC CBT Exam System: एमपीएससी भर्ती में अब कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) लागू होगी। मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि भर्ती तेज, पारदर्शी होगी, लेकिन परीक्षा का निजीकरण नहीं किया जाएगा।
Ashish Shelar On MPSC CBT Exam System No Privatisation In Maharashtra
मंत्री आशिष शेलार (सोर्सः डिजाइन फोटो)
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MPSC CBT Exam System No Privatisation: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए राज्य सरकार ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। विधान परिषद में सामान्य प्रशासन मंत्री आशीष शेलार ने स्पष्ट किया कि इस फैसले का उद्देश्य समय पर भर्ती पूरी करना है और परीक्षा का किसी भी प्रकार से निजीकरण नहीं किया जाएगा।

भर्ती बढ़ने से सीबीटी प्रणाली अपनाने का फैसला

सामान्य प्रशासन मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया का दायरा पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गया है। पहले आयोग के माध्यम से हर वर्ष लगभग 7 से 7.5 हजार पदों पर ही भर्ती होती थी, लेकिन अब विभिन्न विभागों में रिक्तियों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण यह आंकड़ा 50 से 60 हजार पदों तक पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया को पारंपरिक ऑफलाइन परीक्षा प्रणाली के जरिए समय पर पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

इसी कारण सरकार ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि सीबीटी प्रणाली से परीक्षा का आयोजन अधिक तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया भी कम समय में पूरी होगी, जिससे परिणाम जल्दी घोषित किए जा सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य है कि जिस वर्ष भर्ती प्रक्रिया शुरू हो, उसी वर्ष परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित किए जाएं और सफल अभ्यर्थियों को समयबद्ध तरीके से नियुक्ति भी प्रदान की जाए।

पारदर्शिता और सुविधा पर जोर

राज्य सरकार उम्मीदवारों को उत्तरपत्रिका उपलब्ध कराएगी और अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा होने पर सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार नॉर्मलाइजेशन लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति ने भी सीबीटी प्रणाली की सिफारिश की है। शेलार ने कहा कि परीक्षा संचालन के लिए टीसीएस जैसी संस्थाओं की तकनीकी सेवाएं ली जा सकती हैं, लेकिन एमपीएससी परीक्षाओं का निजीकरण नहीं किया जाएगा।

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