सिंहस्थ कुंभ 2027: नासिक-त्र्यंबकेश्वर में विरासत संरक्षण तेज, यूनेस्को टैग और दावोस में प्रचार की बनी योजना

Nashik Simhastha Kumb: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी ने ASI अधिकारियों के साथ बैठक की और कार्यों में तेजी के निर्देश दिए।
Nashik-Trimbakeshwa Simhastha Kumbh 2027 review meeting
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ को लेकर आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारीसोर्स: एक्स@NTKMA_official
Published on: 
Updated on: 

Nashik-Trimbakeshwar Simhastha Kumbh 2027: महाराष्ट्र के नासिक-त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारियों को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। महाराष्ट्र के मराठी भाषा एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ प्राधिकरण मुख्यालय में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा चलाए जा रहे विरासत संरक्षण और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।

इस बैठक में कुंभ प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कुंभ मेले से पहले सभी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का जीर्णोद्धार समयबद्ध तरीके से पूरा करना था।

प्राचीन मंदिरों और घाटों का होगा कायाकल्प

समीक्षा बैठक के दौरान नासिक और त्र्यंबकेश्वर के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर चल रहे दूसरे और तीसरे चरण के संरक्षण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। इसके तहत संगम तीर्थ, पुराने कुशावर्त, नारोशंकर मंदिर, सुंदरनारायण मंदिर, काशी विश्वेश्वर, गौतमेश्वर, मुकुंदेश्वर, मुकुंदेश्वर मंदिर और उसकी झील, प्रयाग तीर्थ, बिल्व झील और मंदिर, चखोबा मंदिर, सुंदरनारायण मंदिर और घाट, इंद्रकुंड, बालाजी कोट की दीवार, गौतम झील, अजगरेश्वर समाधि, तालकुटेश्वर और मोदकेश्वर मंदिर के सुंदरीकरण का काम शामिल है।

इसके अलावा, त्र्यंबकेश्वर स्थित पवित्र कुशावर्त कुंड परिसर में जारी जीर्णोद्धार कार्यों की स्थिति भी देखी गई। डॉ. कुलकर्णी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी विकास और संरक्षण परियोजनाएं गुणवत्ता से बिना कोई समझौता किए तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि जहां भी अंतर-विभागीय बाधाएं आ रही हैं, उन्हें तत्काल दूर कर आपसी समन्वय के साथ काम में तेजी लाई जाए।

विश्व स्तर पर चमकेगा नासिक सिंहस्थ कुंभ

बैठक में केवल ढांचागत विकास ही नहीं, बल्कि नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने की रणनीतियों पर भी गहन चर्चा हुई। प्रशासन की योजना दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2027 में सिंहस्थ कुंभ का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने की है। इसके साथ ही, नासिक और त्र्यंबकेश्वर के ऐतिहासिक विरासत स्थलों को 'यूनेस्को विश्व धरोहर' का दर्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय भी लिया गया है।

Nashik-Trimbakeshwa Simhastha Kumbh 2027 review meeting
महाराष्ट्र में 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर बैन, मंत्री नितेश राणे ने गोवा के सीएम से मांगी मदद, जानिए नियम

सिंहस्थ इंटरप्रिटेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर बनेगा

नासिक सिंहस्थ कुंभ को जनांदोलन बनाने के लिए 'हर घर कुंभ अभियान' और 'महाराष्ट्र स्पिरिच्युअल थॉट लीडरशिप' जैसी पहलों पर विचार किया गया। श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों के अनुभव को खास बनाने के लिए एक विश्वस्तरीय 'सिंहस्थ इंटरप्रिटेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर' स्थापित किया जाएगा। महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला, हस्तकला और आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए एक 'कलाग्राम' की योजना बनाई गई है, जिससे स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच मिलेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com