Nashik Traffic Jam: नासिक ट्रैफिक अपडेट, सड़क निर्माण से बेहाल जनता, त्र्यंबकेश्वर रोड पर भीषण जाम

Traffic Jam News: नासिक के प्रमुख मार्गों पर जारी मरम्मत कार्यों के कारण यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से नागरिकों को घंटों जाम का सामना करना पड़ रहा है।
Nashik Traffic Jam: Nashik Traffic Update—Public Woes Due to Road Construction; Severe Jam on Trimbakeshwar Road.
नासिक में जारी मरम्मत कार्यों की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Trimbakeshwar Road Construction: नासिक शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर इन दिनों सड़कों के सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। विकास का यह कार्य अब आम नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। मुख्य मार्गों को पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद किए जाने के कारण सारा यातायात वैकल्पिक संपर्क सड़कों पर मोड़ दिया गया है। इन संकरी गलियों में अचानक वाहनों का दबाव बढ़ने से पूरी यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों की मीलों लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

त्र्यंबकेश्वर रोड पर 'वन-वे' से बढ़ा संकट

यातायात की सबसे गंभीर स्थिति त्र्यंबकेश्वर रोड पर बनी हुई है, जहाँ पिछले पंद्रह-बीस दिनों से मरम्मत जारी है। प्रशासन ने त्र्यंबक नाका से मायको सर्कल तक के व्यस्त मार्ग को एकतरफा (वन-वे) कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, सड़क के एक ही हिस्से पर दोनों दिशाओं के वाहनों का भारी बोझ आ गया है। पीक ऑवर्स में स्थिति और विकराल हो जाती है, जब भारी वाहन भी इसी संकरे मार्ग से गुजरते हैं। नियोजन के अभाव में पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं बची है।

पीक ऑवर्स में 'चक्का जाम' जैसी स्थिति

निर्माण कार्यों का सबसे बुरा असर दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और स्कूली छात्रों पर पड़ रहा है। सुबह और शाम के समय, जब यातायात घनत्व अधिक होता है, लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। धूल और शोर की समस्या के साथ ट्रैफिक जाम में बर्बाद होने वाले समय ने जनता के धैर्य की परीक्षा लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन ने कार्य शुरू करने से पहले वैकल्पिक मार्गों की स्थिति और सुचारू प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया।

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प्रशासन की सुस्ती पर उठते गंभीर सवाल

जनता के बीच बढ़ते रोष का मुख्य कारण निर्माण कार्यों के पूरा होने की किसी निश्चित समय-सीमा (डेडलाइन) का न होना है। प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये मार्ग कब तक पूरी तरह खोले जाएंगे। इस अनिश्चितता ने नागरिकों में भ्रम और नाराजगी पैदा कर दी है। नासिक के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए और निर्माण कार्य रात के समय किए जाएं ताकि दिन में यातायात बाधित न हो।

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