नासिक में परीक्षा लापरवाही, छात्रों का भविष्य अधर में; टीईटी परीक्षा में बड़ी चूक, गलत प्रश्नपत्र से 250 छात्र

Nashik Education News: नासिक के सीडीओ मेरी केंद्र पर टीईटी परीक्षा में अंग्रेजी छात्रों को मराठी प्रश्नपत्र दिए गए। समय बर्बाद होने से 250 छात्र फेल घोषित हुए और अब जांच की मांग कर रहे हैं।
Exam negligence in Nashik puts students' future at risk; major blunder in TET exam, 250 students given the wrong question paper
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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TET Exam Error: नासिक पिछले 23 नवंबर को आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान शहर के सीडीओ मेरी परीक्षा केंद्र पर हुई एक बड़ी लापरवाही के कारण 250 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। यहां अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को गलती से मराठी माध्यम के प्रश्नपत्र वितरित कर दिए गए थे। हाल ही में घोषित हुए परिणामों में इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा है और ये सभी 250 छात्र अनुत्तीर्ण (फेल) घोषित किए गए हैं।

परीक्षा केंद्र पर हुई थी भारी अव्यवस्था

23 नवंबर को परीक्षा के दौरान हुए इस घटनाक्रम के बाद आक्रोशित परीक्षार्थियों ने जिला परिषद के शिक्षा विभाग में पहुंचकर भारी हंगामा किया था। छात्रों का आरोप है कि गलत प्रश्नपत्र मिलने और उसे बदलने की प्रक्रिया में उनका काफी कीमती समय बर्बाद हो गया। अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए मराठी में आए प्रश्नों को समझना और हल करना मानसिक रूप से काफी कठिन रहा, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। उस समय छात्रों ने मांग की थी कि मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट शिक्षा परिषद को भेजी जाए, ताकि उनके साथ न्याय हो सके।

परीक्षा परिषद ने शुरू की पूछताछ

परिणाम घोषित होने और छात्रों के फेल होने के बाद अब महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की नींद खुली है। बुधवार से परिषद के अधिकारियों ने प्रभावित और अनुत्तीर्ण छात्रों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों द्वारा छात्रों से परीक्षा केंद्र पर हुई गड़बड़ी और वहां हुए हंगामे की विस्तृत जानकारी ली जा रही है। इस कदम से पीड़ित छात्रों में समाधान की उम्मीद तो जगी है, लेकिन डर भी बरकरार है।

क्या बोले पीड़ित छात्र?

"शिक्षा परिषद के अधिकारियों ने 66 हमसे संपर्क कर परीक्षा केंद्र पर हुए हंगामे और अव्यवस्था की जानकारी ली है। हालांकि, हमारे परीक्षा परिणाम के संबंध में परिषद की भूमिका अभी भी अस्पष्ट है। हम सभी अपनी इस मांग पर कायम हैं कि हमें उत्तीर्ण घोषित किया जाए, क्योंकि गलती हमारी नहीं बल्कि प्रशासन की थी।

- निलेश भागड़े, टीईटी परीक्षार्थी

परिणामों पर सस्पेंस बरकरार

शिक्षा परिषद ने जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन छात्रों के भविष्य को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों ने छात्रों से संपर्क तो किया है, लेकिन उनके परिणामों को संशोधित करने या दोबारा परीक्षा लेने के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। पीड़ित छात्र अपनी इस मांग पर अडिग हैं कि विभाग की गलती का दंड उन्हें न दिया जाए और उन्हें उत्तीर्ण घोषित किया जाए, सीडीओ मेरी केंद्र के तत्कालीन पर्यवेक्षकों और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

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