12वीं के बाद भी हॉस्टल में रह सकेंगे छात्र,गरीब छात्रों को राहत, गर्मियों में नहीं खाली करना होगा हॉस्टल

Nashik Government Hostel Policy: 12वीं परीक्षा के बाद भी छात्र अब सरकारी हॉस्टल में रहकर CET, NEET, JEE की तैयारी कर सकेंगे, इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
Students will be able to continue staying in hostels even after completing the 12th grade; relief for underprivileged students—they will not have to vacate the hostel during the summer holidays.
छात्रावास सुविधा, 12वीं के बाद हॉस्टल( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Hostel Facility: नासिक 12वीं की मुख्य परीक्षा खत्म होने के बाद भी अब छात्रों को सरकारी छात्रावास (हॉस्टल) खाली नहीं करने पड़ेंगे, शासन ने निर्णय लिया है कि छात्र अपनी अगली प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सीईटी, एनईईटी, जेईई आदि की तैयारी के लिए गर्मियों की छुट्टियों में भी छात्रावास में निवास कर सकेंगे, इस फैसले से विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बड़ी राहत मिली है।

निजी आवास के खर्च से मिलेगी मुक्ति

इससे पहले नियम यह था कि वार्षिक परीक्षा समाप्त होते ही छात्रों को सामाजिक न्याय विभाग के पिछड़ा वर्ग छात्रावास खाली करने पड़ते थे। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आए छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को निजी कमरे किराये पर लेने पड़ते थे, जो काफी महंगा होता था। अब नए निर्णय से छात्रों को निजी आवास पर खर्च नहीं करना पड़ेगा और वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

यह सुविधा मुख्य रूप से 12वीं विज्ञान संकाय के उन छात्रों के लिए है जो महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। नासिक जिले में समाज कल्याण विभाग के कुल 11 सरकारी छात्रावास हैं।

इन हॉस्टल्स की स्थिति इस प्रकार है- लड़कों और लड़‌कियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था के साथ लगभग 750 छात्रों की क्षमता है। इन सभी छात्रों को विस्तारित निवास सुविधा का लाभ मिलेगा, छुट्टियों के दौरान भी छात्रों के लिए निवास और भोजन की नियमित व्यवस्था बनी रहेगी।

दिशा-निर्देश और पात्रता के नियम हुए जारी

इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए शासन ने कुछ स्पष्ट शर्ते और नियम जारी किए हैं, विस्तारित अवधि के दौरान छात्रों को केवल रहने और खाने की सुविधा दी जाएगी।

उन्हें किसी भी प्रकार का भत्ता, अनुदान या नई शैक्षणिक सामग्री नहीं मिलेगी। छात्र महाराष्ट्र का निवासी होना चाहिए और अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से कुल 11 सरकारी छात्रावास हैं। इन हॉस्टल्स की स्थिति इस प्रकार है- लड़कों और लड़‌कियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था के साथ लगभग 750 छात्रों की संबंधित होना चाहिए।

आवेदन MA-HADBT पोर्टल के माध्यम से करना होता है और प्रवेश पूरी तरह मेरिट के आधार पर दिया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हॉस्टल में रहने की अनुमति मिलने से छात्रों को पढ़ाई के लिए एक शांत और स्थिर वातावरण मिलेगा, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके सफल होने की संभावना बढ़ जाएगी।

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