

Nashik Ashok Kharat Sinnar MIDC scam: सिन्नर तहसील औद्योगिक वसाहत के चेयरमैन नामकर्ण आवारे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस मामले की मुख्य संदिग्ध मानी जा रही कल्पना खरात अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। आवारे की गिरफ्तारी के बाद मामले में हलचल तेज हो गई है, वहीं आर्थिक लेनदेन की कथित सूत्रधार कल्पना खरात कहां छिपी है, इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। नामकर्ण आवारे उद्योग संगठन के महत्वपूर्ण पदाधिकारी माने जाते हैं।
उनका नाम खरात प्रकरण से जुड़ने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इस प्रकरण में अशोक खरात की पत्नी कल्पना खरात के खिलाफ अहिल्यानगर जिले के शिर्डी तथा नासिक ग्रामीण पुलिस थानों में धोखाधड़ी और आर्थिक अनियमितताओं के गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस आवारे और कल्पना खरात के बीच कथित आर्थिक संबंधों तथा संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए कल्पना खरात ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। लेकिन कानूनी राहत मिलने से पहले ही वह 4 अप्रैल से अज्ञात स्थान पर फरार हो गई। पुलिस की विभिन्न टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर तलाश की, लेकिन तकनीकी सबूत और संपर्क के माध्यम नष्ट कर वह लगातार पुलिस को चकमा देती रही।
पुलिस यह जांच कर रही है कि कल्पना खरात पर दर्ज धोखाधड़ी के मामलों के तार क्या नामकर्ण आवारे तक पहुंचते हैं। पिछले डेढ़ महीने से फरार रहने के कारण पुलिस को शक है कि उसने किसी दूसरे राज्य में शरण ले रखी है। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद भी वह एसआईटी और संबंधित पुलिस एजेंसियों से कैसे बचती रही और उसे किसका सहयोग मिल रहा है, इस पर भी जांच एजेंसियों की नजर है।
इस बीच पुलिस द्वारा उसकी संपत्ति जब्त किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल नामकर्ण आवारे पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। उसके बयान और मिली जानकारी के आधार पर नाशहक तथा अहिल्यानगर पुलिस ने कल्पना खरात की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।