Nashik Sinhastha Kumbh 2027: 'कमीशन फिक्सिंग' घोटाला और विकास पर ब्रेक, दांव पर लगी सरकार की पारदर्शिता

Sinhastha Kumbh Commission Fixing: नासिक में सिंहस्थ कुंभ 2027 से पहले कमीशन फिक्सिंग की गूंज। मंत्रालय के अधिकारी विलास लाड का ऑडियो वायरल। रामकाल पथ ठप, शिवसेना नेता अजय बोरस्ते ने लगाए गंभीर आरोप।
Nashik Sinhastha Kumbh 2027: 'Commission-Fixing' Scam and a Halt on Development Government's Transparency at Stake
कमीशन फिक्सिंग घोटाला प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sinhastha Kumbh Commission Fixing Scam: आगामी सिंहस्थ कुंभमेला 2027 की धर्मध्वजा फहराने में अभी समय है, लेकिन नासिक शहर में विकास कार्यों के नाम पर 'भ्रष्टाचार' और 'कमीशन' की गूंज ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक हफ्ते में सामने आई दो बड़ी घटनाओं ने राज्य सरकार की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम यह है कि अब विकास कार्यों को पूरा करने के लिए ठेकेदारों को पुलिस संरक्षण की मांग करनी पड़ रही है।

मंत्रालय से नासिक तक कमीशन का खेल: विलास लाड का वायरल ऑडियो

भ्रष्टाचार की पहली चौंकाने वाली खबर सीधे मुंबई के मंत्रालय से आई है। रिश्वत मामले में फंसे कक्ष अधिकारी विलास लाड का एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में लाड ने कुंभमेले के हजारों करोड़ रुपये के टेंडर में 'कमीशन फिक्सिंग' का सनसनीखेज दावा किया है।ऑडियो के अनुसार, कुंभमेले के टेंडर जारी होने से पहले ही जूनियर अधिकारियों से लेकर वरिष्ठ मंत्रियों तक की कमीशन तय कर ली गई है।

'रामकाल पथ' पर पार्षदों का 'ब्रेक': विकास के लिए पुलिस प्रोटेक्शन की मांग

दूसरी शर्मनाक घटना नासिक शहर की है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'रामकाल पथ' का काम स्थानीय राजनीति की भेंट चढ़ गया है। आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन पूर्व पार्षदों और उनके समर्थकों ने ठेकेदार से 'हिस्सेदारी' की मांग करते हुए काम रुकवा दिया।

जिले में लगभग 30 से 35 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं, लेकिन अधिकांश ठेके पड़ोसी राज्यों की कंपनियों को मिलने से स्थानीय जनप्रतिनिधियों में छटपटाहट दिख रही है। अब ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए 'पुलिस संरक्षण' मांगना पड़ रहा है, जो राज्य में कानून व्यवस्था और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (Ease of Doing Business) पर बड़ा धब्बा है।

कुंभ मेले के कार्यों में समन्वय की कमी: अजय बोरस्ते

शिवसेना (शिंदे गुट) के नासिक मनपा गटनेता अजय बोरस्ते ने भी आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में चल रहे विकास कार्यों में पूर्ण समन्वय (Coordination) का अभाव है। बोरस्ते ने कहा, "कुंभ मेले के लिए अलग मंत्री, स्वतंत्र प्राधिकरण और विशेष अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, लेकिन इन अधिकारियों के बीच तालमेल न होने से नासिक के नागरिकों को मानसिक परेशानी और आए दिन दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।"

सत्ता के गलियारों में यह चर्चा आम है कि यदि चुनाव में टिकट का आधार 'पैसा' है, तो जीत के बाद 'वसूली' ही एकमात्र लक्ष्य बन जाता है। विडंबना यह है कि न तो कुंभमेला प्राधिकरण और न ही सरकार का कोई वरिष्ठ मंत्री यह गारंटी देने को तैयार है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।

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