सिंहस्थ में अखाड़े के परिचय पत्र और आधार के बिना नहीं होगी एंट्री, अखाड़ा परिषद ने जारी कर दिया फरमान

Akhara Parishad Decision: नासिक सिंहस्थ में साधु-संतों की एंट्री को लेकर अखाड़ा परिषद ने नियम सख्त किए हैं। अखाड़े का परिचय पत्र और आधार कार्ड के बिना प्रवेश नहीं मिलेगा।
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सिंहस्थ में एंट्री नियम (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Akhil Bharatiya Akhara Parishad: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद भले ही विवादों के बीच में चर्चा के केंद्र बिंदु में बना हुआ है लेकिन जिस तरह से अखाड़े में आंतरिक कलह अब निकल कर सामने आ रही है और यही नहीं कई अखाड़े आमने-सामने जुबानी जंग के बाद खूनी जंग की तरफ बढ़ रहे हैं उसको देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद नहीं है निर्णय लिया है कि सिंहस्थ नासिक में उन्हें साधु संतों को अंतिम दी जाएगी जिनके पास अखाड़े का आई कार्ड परिचय पत्र या आधार कार्ड होगा ।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने सनातन धर्म की छवि बिगाड़ने वाले फर्जी साधुओं के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज ने कालनेमि अभियान चलाने का ऐलान किया है। इस मुहिम के तहत उन लोगों को अखाड़ों और संत समाज से बाहर किया जाएगा, जो भगवा चोला पहनकर मर्यादाएं तोड़ रहे हैं। परिषद ने साफ कर दिया है कि साधु का काम जप-तप करना है, गृहस्थ जीवन जीना या परिवार पालना नहीं।

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फर्जी बाबाओं को जेल भेजेगी अखाड़ा परिषद

आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की पवित्रता बनाए रखने के लिए अब सुरक्षा और पहचान के कड़े नियम लागू होंगे। महंत रविंद्रपुरी के मुताबिक, अब हर भगवाधारी को अपनी पहचान साबित करनी होगी। सिंहस्थ में आने वाले हर साधु के पास अपना आधार कार्ड होना जरूरी होगा। महंत ने यह भी कहा कि संबंधित अखाड़े द्वारा जारी किया गया आधिकारिक पहचान पत्र साथ रखना होगा।

हर साधु को दिखानी होगी पहचान

बिना पहचान वाले संदिग्ध लोगों की जांच होगी और दोषी पाए जाने पर उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। बताया जाता है कि अखाड़े के खूनी विवाद की वर्तमान रूपरेखा को देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने उक्त निर्णय लिया है और संभावना इस बात की भी है कि भगवाधारी फर्जी बाबाओं को कुंभ क्षेत्र से दूर रखने के लिए अखाड़ा परिषद का यह कदम सराहनी और स्वागत योग्य है।

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