

Nashik School News: स्कूल की फीस समय पर न भरने के कारण विद्यार्थियों को कक्षाओं से बाहर निकालने, एक कमरे में बंद करने, परीक्षा से रोकने और अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप नासिक के एक निजी स्कूल पर लगा है। इस घटना के विरोध में स्वराज्य पार्टी के नेता डॉ. रूपेश हरिश्चंद्र नाठे पाटिल के नेतृत्व में अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
नवीन नासिक के सभापति बालकृष्ण शिरसाठ द्वारा शिक्षा विभाग के माध्यम से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। अभिभावकों का आरोप है कि फीस बकाया होने के कारण बच्चों को परीक्षा देने से रोका गया और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। इससे विद्यार्थी मानसिक रूप से बुरी तरह सहम गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि स्कूल प्रशासन ने फीस न देने पर छात्रों को कक्षा में न बैठने देने का लिखित पत्र भी दिया है। डॉ. रूपेश नाठे पाटिल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री दादा भुसे से शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने और दोषी स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की सूचना मिलते ही पहुंचे सभापति बालकृष्ण शिरसाठ ने शिक्षा अधिकारी चौधरी के जरिए विस्तृत जांच कराने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि, स्वराज्य पार्टी और अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः उग्र आंदोलन करेंगे।