नासिक सेक्स स्कैंडल: 160 GB डेटा में कैद हैं अशोक खरात की घिनौनी करतूतें, SIT को मिली फॉरेंसिक रिपोर्ट

Ashok Kharat Nashik Sex Scandal: नासिक सेक्स स्कैंडल मामले में अशोक खरात के पास मिला 160GB डेटा, 130 फर्जी बैंक खातों से करोड़ों का हेरफेर। SIT को सौंपी गई फॉरेंसिक रिपोर्ट।
SIT receives forensic report in Nashik's Ashok Kharat case. 160GB digital evidence, 130 fake bank accounts, and a ₹2.43 crore fraud exposed.
अशोक खरात (फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Ashok Kharat Baba SIT Forensic Report: नासिक के कथित स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में जांच तेज हो गई है और कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों ने खरात के खिलाफ अब तक करीब 160 जीबी डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं जिनमें उसके कथित आपराधिक कृत्यों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही जा रही है।

फोरेंसिक रिपोर्ट एसआईटी को सौंपे जाने के बाद मामले की जांच को और गति मिली है। अब तक कुल 4 डिजिटल उपकरणों की जांच पूरी की जा चुकी है। इन साक्ष्यों के आधार पर खरात के खिलाफ कार्रवाई का दायरा और मजबूत होता जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों को 'ए', 'बी' और 'सी' जैसे कोडवर्ड में वर्गीकृत किया है।

सूत्रों के अनुसार, 'ए' श्रेणी में गंभीर यौन शोषण से जुड़े संकेत मिलने की बात सामने आई है। साथ ही नवंबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच की गतिविधियों का विवरण भी जब्त किया गया है जो नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित कार्यालय से बरामद हुआ है।

लैपटॉप से प्राप्त सामग्री को स्कैन किया

जांच एजेंसियों ने 32 जीबी क्षमता के 3 पेन ड्राइव (जिनमें 19 फोल्डरों का डेटा है), 64 जीबी का एक ओटीजी पेन ड्राइव और एक लैपटॉप से प्राप्त सामग्री को स्कैन किया है। फोरेंसिक और साइबर टीम ने इन सभी डिजिटल माध्यमों से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए एसआईटी ने पीड़ितों और गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। इस बीच, नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय ने अशोक खरात को तीसरे मामले में 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले में लगातार सामने आ रहे साक्ष्यों के चलते जांच एजेंसियां अब आगे और बड़े खुलासों की संभावना जता रही हैं।

होटल व्यवसायी के साथ 2.43 करोड़ की ठगी

अहिल्यानगर पुलिस के एक फोन कॉल के बाद मुंबई के एक होटल व्यवसायी को अपनी ठगी का पता चला। उसके और उसकी पत्नी के नाम पर बिना जानकारी के एक पतपेढ़ी में खाते खोले गए थे। इन खातों के जरिए करीब 2 करोड़ 43 लाख रुपये का लेन-देन किया गया। पीड़ित का आरोप है कि दर्शन बुकिंग के नाम पर दिए गए दस्तावेजों का इस्तेमाल इस फर्जीवाड़े में किया गया।

130 फर्जी बैंक खाते, करोड़ों का घोटाला!

भक्त महिलाओं के साथ कथित रूप से लैंगिक शोषण करने वाले ढोंगी बाबा अशोक खरात के खिलाफ अब आर्थिक अपराधों के चौकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप्स के बीच पुलिस ने खरात को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इसी बीच जांच में सामने आया है कि वह जिस जगदंबा सोसाइटी का प्रमुख था, वहां बड़े पैमाने पर आर्थिक घोटाले किए गए।

जांच में पता चला है कि अशोक खरात (Ashok Kharat) अपने पास मदद के लिए आने वाले लोगों के दस्तावेज लेकर उनका दुरुपयोग करता था। एक मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ितों ने बयान दिया है कि उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य कागजात लिए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर खरात ने करीब 130 फर्जी खाते खोलकर करोड़ों रुपये का हेरफेर किया।

2021 से 2024 के बीच हुआ बड़ा खेल

दस्तावेजों के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच खरात (Ashok Kharat) ने बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ी की। इस दौरान वह जगदंबा सोसाइटी और समता सोसाइटी का संचालक था। करीब 100 खातों में उसका नाम और मोबाइल नंबर नॉमिनी के रूप में दर्ज पाया गया है। अशोक खरात (Ashok Kharat) लोगों को भविष्य बताने और समस्याओं के समाधान के नाम पर अपने पास बुलाता था। फिर उनसे आधार, पैन और फोटो जैसे दस्तावेज लेता था।

इनका इस्तेमाल कर पतपेढ़ियों में फर्जी खाते खोले जाते और उनमें करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जाता। इस मामले में समता सोसाइटी से जुड़े अरविंद पांडुरंग बावके को भी सह-आरोपी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि 130 खातों में से करीब 100 खाते समता सोसाइटी और 30 खाते जगदंबा सोसाइटी से जुड़े हैं।

अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घर्गे ने बताया कि अब तक 20 खाताधारकों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी ने कहा है कि उनके नाम पर खाते उनकी जानकारी के बिना खोले गए, पुलिस इन खातों का फोरेंसिक परीक्षण कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर कई खाते खोले गए और कम समय में बड़ी संख्या में खाते सक्रिय किए गए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com