नासिक में होगा सर्वधर्मीय विशाल वधू-वर सम्मेलन, स्वामी समर्थ सेवामार्ग का अनूठा सामाजिक उपक्रम

Nashik Mass Marriage: अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ सेवामार्ग की ओर से 23 से 27 जनवरी 2026 तक सर्वधर्मीय वधू-वर सम्मेलन व सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा।
A grand interfaith bride and groom conference will be held in Nashik, a unique social initiative by Swami Samarth Seva Marg
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Samuhik Vivah Event: नासिक आज के दौर में योग्य वर और वधू की तलाश करना किसी चुनौती से कम नहीं है। विशेषकर किसानों के बच्चों, दिव्यांगों और सामाजिक कारणों से अकेले रह गए लोगों के लिए विवाह एक गंभीर समस्या बन गई है।

इसी समस्या के समाधान के लिए 'अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ सेवामार्ग' की ओर से नए साल में नासिक में एक विशाल वधू-वर सम्मेलन और सामूहिक विवाह का आयोजन किया जा रहा है।

इस सम्मेलन का स्वरूप सर्वधर्म समावेशी रखा गया है, जिसमें समाज के हर वर्ग को स्थान दिया गया है- आत्महत्याग्रस्त और अतिवृष्टि से प्रभावित किसान परिवारों के बेटे-बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

विधवा, विधुर, तलाकशुदा और दिव्यांग (अपंग) भाई- बहनों के लिए पुनर्विवाह का सुनहरा अवसर। यह मेला सभी धर्मों और समुदायों के विवाहेच्छुक युवाओं के लिए खुला है।

महोत्सव की महत्वपूर्ण जानकारी कृषि महोत्सव के आयोजक आबासाहेब मोरे ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की हैः तारीखः 23 से 27 जनवरी 2026, हनुमान नगर के पास, यूथ फेस्टिवल मैदान, पंचवटी, नासिक।

सम्मेलन में वधू-वर पंजीकरण, बायोडाटा की जानकारी और विशेषज्ञों द्वारा विवाह पूर्व व विवाह पश्चात आने वाली समस्याओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।

सामाजिक कुरीतियों को बदलने की कोशिश

अण्णासाहेब मोरे के मार्गदर्शन में आयोजित इस 16वें कृषि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों का आत्मबल बढ़ाना है। अक्सर देखा जाता है कि लोग झूठी प्रतिष्ठा के चक्कर में विवाह कार्यों में लाखों खर्च कर देते हैं और कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या जैसा कदम उठाते हैं।

फिजूलखर्ची रोकने के लिए सामूहिक विवाह सोहळे को बढ़ावा दिया जा रहा है। मार्गदर्शकों का मानना है कि संस्कारों के अभाव में बढ़ते तलाक के मामलों को रोकने के लिए उचित परामर्श जरूरी है। यह महोत्सव न केवल खेती-किसानी पर चर्चा का केंद्र होगा, बल्कि सैकड़ों परिवारों को खुशियों के बंधन में बांधने का माध्यम भी बनेगा।