Nashik Civic Infrastructure Problem( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Corporation: नासिक रोड संभाग के विभिन्न उपनगरों में नागरिक सुविधाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। सार्वजनिक शौचालयों की जर्जर अवस्था और श्मशान भूमि में जगह की कमी से नागरिक बेहद परेशान हैं।
इन ज्वलंत मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए पूर्व पार्षद जगदीश पवार ने मनपा के शहर अभियंता को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
पिंपलगांव खांब, वडनेर गेट, बडनेर गांव, बागुल नगर, विहितगांव, रोकडोबा वाड़ी और देवलाली गांव जैसे इलाकों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति चिंताजनक है। दीवारों में दरारे, टूटे हुए दरवाजे-खिड़कियां और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
पानी उपलब्ध न होने के कारण स्वच्छता की समस्या गंभीर हो गई है, जिसका सबसे अधिक खामियाजा महिलाओं और बुजुर्गों को भुगतना पड़ रहा है। जगदीश पवार ने इन पुराने शौचालयों को गिराकर वहां आधुनिक सुविधाओं से लैस नए शौचालयों के निर्माण की मांग की है। शौचालयों के साथ-साथ पिंपलगांव खांब स्थित श्मशान भूमि का मुद्दा भी गरमाया हुआ है।
बढ़ती जनसंख्या के कारण वर्तमान जगह कम पड़ रही है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और शेड की कमी है। श्मशान भूमि के क्षेत्रफल को बढ़ाने और महिलाओं के लिए अलग से शेड व अन्य जरूरी सुविधाओं के निर्माण की मांग की गई है।
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जगदीश पवार ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के दावों के बीच इन बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी असहनीय है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन कार्यों को तुरंत मंजूरी देकर काम शुरू नहीं किया, तो जनभावनाओं का विस्फोट होगा और इसके लिए मनपा प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा।