नासिक में मंदिर जमीन घोटाले पर कार्रवाई तेज: आरोपियों को नोटिस, धर्मादाय विभाग ने मांगे कड़े जवाब

Nashik Temple Land Fraud: नासिक में श्रीराम मंदिर की जमीन घोटाले पर कार्रवाई शुरू। धर्मादाय विभाग ने आरोपियों को नोटिस जारी कर बिक्री प्रक्रिया और रिकॉर्ड में बदलाव पर जवाब मांगा।
Action Intensifies in Nashik Temple Land Scam: Notices Issued to Accused; Charity Department Demands Strict Explanations
नाशिक मंदिर जमीन, भूमि घोटाला, (सोर्स: सौजन्य AI)
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Nashik Illegal Land Sale: नासिक पंचवटी के वाल्मीकि नगर स्थित श्रीराम मंदिर की पवित्र भूमि को हड़पने और अवैध रूप से बेचने के मामले में प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। नासिक के धर्मादाय सह-आयुक्त कार्यालय ने इस मामले में संलिप्त सभी आरोपियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है।

जलालपुर शिवार इलाके में मंदिर के नाम पर आवंटित यह जमीन विशेष रूप से कुष्ठ पीड़ितों के कल्याण के लिए थी, जिसे कागजों में हेरफेर कर निजी लाभ के लिए खुर्द-बुर्द कर दिया गया।

धर्मादाय विभाग के कड़े सवाल प्रशासन ने इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। नोटिस में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है किस अधिकार और कानूनी प्रक्रिया के तहत मंदिर की जमीन बेची गई? क्या इस बिक्री के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति ली गई थी? राजस्व रिकॉर्ड (फेरफार) में बदलाव किस आधार पर किया गया?

जमीन पर हड़पने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

इस मामले ने तब और तूल पकड़ा जब राज्य के कुंभमेला मंत्री गिरीश महाजन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी राम मंदिर की जमीन पर डकैती डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, मंत्री के इस कड़े रुख के बाद प्रशासन ने अपनी कार्रवाई की गति तेज कर दी है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में सीधे फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा। धर्मादाय विभाग के सूत्रों के अनुसार, दोषियों पर नकेल कसने के लिए अगले चरण में ये कड़े फैसले लिए जा सकते हैं अब तक हुए सभी अवैध भूमि सौदों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना।