

Nashik Jan Aakrosh Morcha: नासिक शहर में गड्ढों की समस्या को लेकर शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पक्ष ने सोमवार को मनपा प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। नागरिकों को हो रही परेशानी और गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सांसद संजय राऊत के नेतृत्व में शालिमार स्थित शिवसेना मध्यवर्ती कार्यालय से महानगरपालिका तक जनआक्रोश मोर्चा निकाला गया। मोर्चे में ठाकरे गुट के पदाधिकारी, शिवसैनिक और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। मोर्चे के दौरान शहर की बदहाल सड़कों, गड्ढों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
आंदोलन स्थल पर गड्ढों के कारण जान गंवाने का दावा किए गए सात नागरिकों के छायाचित्र लगाए गए थे। इन मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी मौत के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई।आंदोलन के दौरान एक शिवसैनिक ने यमराज की वेशभूषा धारण कर प्रशासन का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गड्ढों के कारण नागरिकों की जान खतरे में है। सड़कों की समय पर मरम्मत नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस अवसर पर सांसद राजाभाऊ वाजे ने प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि आम नागरिकों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए संघर्ष करना शिवसेना की भूमिका रही है।
नासिककरों को परेशान करने वाली गड्ढों की समस्या के समाधान के लिए ही यह मोर्चा निकाला गया है। सरकार की ओर से नासिक में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को मंजूरी दिए जाने की बात कही जा रही है। विकास का विरोध करने का कोई कारण नहीं है, लेकिन विकास कार्य उचित तरीके और नियोजन के साथ किए जाने चाहिए। नागरिकों को परेशानी न हो तथा प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित हो, इसी उद्देश्य से मोर्चा निकाला गया है।
गड्ढों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। ऐसे में प्रशासन केवल आश्वासन देने के बजाय तत्काल ठोस कदम उठाए, ऐसी मांग ठाकरे गुट की ओर से की गई। सड़कों की मरम्मत, गड्ढों की स्थायी समस्या का समाधान तथा नागरिकों की जान की जिम्मेदारी तय करने की मांगों को लेकर पक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया है। सोमवार का यह जनआक्रोश मोर्चा मनपा प्रशासन के लिए चेतावनी माना जा रहा है।