सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले युवकों का पर्दाफाश, नाशिक पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई

Nashik Police: नाशिक ग्रामीण पुलिस ने सोशल मीडिया पर कोयता लेकर धमकाने वाले 5 युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की।
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सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले युवकों का पर्दाफाश, नाशिक पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई
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Nashik News: नाशिक ग्रामीण पुलिस अब 'एक्शन मोड' में आ गई है। पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल की टीम और लासलगांव पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया पर हाथ में कोयता लेकर और धमकाने वाले संवाद के जरिए दहशत फैलाने वाले 5 युवकों को हिरासत में लिया है। इन युवकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो (रील) बनाते हुए संवाद बोला था “चोरों के साथ दोस्ती की है, कुत्तों के साथ होली मनाएंगे, धारा 302 भी लग सकता है 307 समझके। इस कार्रवाई से यह साबित हुआ है कि नाशिक जिला कानून का गढ़ है और पुलिस की तत्परता की हर जगह सराहना हो रही है।

लासलगांव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह रील बनाने वाले आरोपी दिंडोरी तहसील के रहने वाले हैं। उन्होंने काम के सिलसिले में लासलगांव पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर विंचूर में हाथ में कोयता लेकर यह रील तैयार की थी और नागरिकों के बीच दहशत का माहौल बनाया था।

इस घटना के बाद, नाशिक ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल के मार्गदर्शन में तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम में सुशांत मरकड, जालिंदर खराटे, सचिन पिंगले, मंगेश गोसावी शामिल थे। लासलगांव पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक भास्कर शिंदे के नेतृत्व में इस टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान समाधान टोंगोरे (सोनगांव, दिंडोरी), खंडू टोंगोरे, विजय बोंबले (निवासी फोफालवाडे), दीपक वाघमारे (निवासी उमराले) और समीर जाधव (निवासी सोनगांव) को हिरासत में लिया है।

इस मामले में लासलगांव पुलिस स्टेशन में देर रात तक मामला दर्ज करने का काम जारी था। पुलिस अधीक्षक की टीम और लासलगांव पुलिस की इस साहसी कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा प्रशंसा की जा रही है, जिससे नाशिक जिला कानून का गढ़ की घोषणा वास्तविकता में उतरती दिख रही है। लासलगांव पुलिस आगे की जांच कर रही है।

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