

नासिक के पंचवटी प्रभाग समिति की बैठक में सड़क, पानी और सफाई की समस्याओं पर पार्षदों का हंगामा।
प्रशासन का धिक्कार हो के नारे लगाकर सभागार में दिया धरना।
आठ दिनों में सड़क के गड्ढे भरने की मांग, अन्यथा जनआंदोलन की चेतावनी।
हमालवाड़ी और समर्थनगर में टैंकर से पानी लेने के लिए 500 रुपये वसूली का मुद्दा उठा।
महापौर और शहर अभियंता के आश्वासन के बाद दोपहर 2:10 बजे आंदोलन स्थगित।
Nashik Municipal Corporation Panchavati Protest Potholes Water Supply: नासिक के पंचवटी क्षेत्र में सड़क के गड्ढों, दूषित जलापूर्ति, गंदगी और कचरा वाहनों की अनियमितता को लेकर पार्षदों ने मनपा प्रशासन के खिलाफ धरना दिया। आठ दिनों में गड्ढे भरने की चेतावनी दी गई। महापौर और शहर अभियंता के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित हुआ।
नासिक शहर, सड़कों पर गड्ढे, अनियमित और दूषित जलापूर्ति, जगह-जगह गंदगी तथा कचरा वाहनों की अनियमितता से परेशान पंचवटी क्षेत्र के पार्षदों ने महानगरपालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पंचवटी प्रभाग समिति की मासिक बैठक में समस्याओं का समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान ‘प्रशासन का धिक्कार हो’ के नारे लगाए गए और सभागार में धरना दिया गया। महापौर हिमगौरी आहेर-आडके और शहर अभियंता रवींद्र धारणकर के आश्वासन के बाद दोपहर 2:10 बजे आंदोलन स्थगित किया गया।
मंगलवार, 27 अक्टूबर को स्वर्गीय पंडितराव खैरे विभागीय कार्यालय में पंचवटी प्रभाग समिति की पांचवीं बैठक आयोजित की गई। सभापति रोहिणी पिंगले की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने प्रशासन को घेरा।
पार्षद प्रियंका माने ने चेतावनी दी कि यदि आठ दिनों के भीतर सड़कों के गड्ढे नहीं भरे गए, तो जनआंदोलन किया जाएगा। गुरमीत बग्गा ने सड़क मरम्मत के लिए गिट्टी और डामर की उपलब्धता पर सवाल उठाए। ऐश्वर्या लाड-जेजुरकर ने सिंहस्थ की तैयारियों के बीच भी क्षेत्र में गंदगी बने रहने पर नाराजगी जताई। गौरव गोवर्धने ने उद्यानों के रखरखाव में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की।
बैठक में पानी की कमी और अनियमित जलापूर्ति के साथ दूषित पानी की शिकायतें भी उठीं। सागर लामखड़े, चित्रा तांदले और सरला सोनवणे ने हमालवाड़ी तथा समर्थनगर में टैंकर से पानी लेने के लिए 500 रुपये वसूले जाने का मुद्दा उठाया। सभापति ने इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा, पार्षद रिद्धीश निमसे ने कचरा वाहन कर्मचारियों के कथित दुर्व्यवहार पर कार्रवाई की मांग की। चित्रा तांदले ने कचरा वाहनों के नियमित रूप से नहीं आने की शिकायत की। पार्षदों ने जेसीबी और ट्रैक्टर की अनुपलब्धता तथा अस्पताल की मरम्मत से जुड़ी जानकारी नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया।
आंदोलन के दौरान महापौर हिमगौरी आहेर-आडके ने वीडियो कॉल के जरिए पार्षदों और सभापति रोहिणी पिंगले से चर्चा की। शहर अभियंता रवींद्र धारणकर ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
सभापति रोहिणी पिंगले के अनुसार, समस्याओं पर आगे चर्चा करने और कार्रवाई तय करने के लिए मंगलवार शाम 4 बजे राजीव गांधी भवन स्थित महानगरपालिका मुख्यालय में बैठक बुलाई गई। इसमें संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायतों की समीक्षा कर समाधान निकालने पर चर्चा होनी थी।