

Nashik Water Crisis Protest: नासिक महानगरपालिका की महासभा शुरू होने से पहले मनपा मुख्यालय परिसर में आंदोलनकारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। होर्डिंग घोटालों में ठेकेदार मलाई खा रहे हैं और भूमिपुत्र न्याय के इंतजार में? जैसे तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और ठेकेदारों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि मनपा सीमा में होर्डिंग व्यवस्था में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों का हक मारा जा रहा है और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। महासभा के मद्देनजर मनपा मुख्यालय में कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो कुछ समय के लिए मनपा परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
दूसरी ओर, नए नासिक प्रभाग क्रमांक 27, 28 और 29 में पेयजल संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए सत्ताधारी दल के पार्षदों ने अनोखा प्रदर्शन किया। महासभा शुरू होने से पहले महिला पार्षद प्रतिभा पवार, छाया देवांग, भूषण राणे और शरद फडोल पानी की बोतलें व खाली मटका (हंडा) लेकर सभागृह पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों ने मटका भीतर ले जाने पर रोक लगाई, जिससे सुरक्षा कर्मचारियों और पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई।
पार्षदों ने हम सत्ताधारी हैं, किसी पर हमला नहीं करेंगे का रुख अपनाते हुए जबरन मटके के साथ सभागृह में प्रवेश किया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि न्यू नासिक के कई इलाकों में लंबे समय से जलापूर्ति बाधित है और नागरिकों को पर्याप्त दबाव के साथ पानी नहीं मिल रहा है। सत्ताधारी पक्ष के ही प्रतिनिधियों द्वारा इस तरह मटका लेकर प्रदर्शन किए जाने की घटना पूरे मनपा परिसर में चर्चा का विषय बनी रही। पार्षदों ने संबंधित प्रभागों की जल समस्या का तुरंत समाधान करने की मांग की।