

Maharashtra Minister Viral Video: नासिक राज्य की राजनीति में मंत्रियों द्वारा जनहित के कार्य कर अपना नाम अमर करने की गौरवशाली परंपरा रही है, लेकिन वर्तमान में मंत्री नरहरी झिरवाल विवादों के केंद्र में हैं।
एक महीने पहले उनके कार्यालय के कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद, अब एक 'तृतीयपंथी' (ट्रांसजेंडर) के साथ उनका आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
अधिवेशन के अंतिम दिन इस वीडियो का सार्वजनिक होना किसी सोची-समझी राजनीतिक साजिश की ओर भी इशारा करता है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जहां आम जनता के लिए मंत्रालय में प्रवेश करना और मंत्रियों तक पहुंचना अत्यंत कठिन है, वहां एक बाहरी व्यक्ति मंत्री के शयनकक्ष तक इतनी आसानी से कैसे पहुंच गया? वीडियो के दृश्यों को देखकर यह प्रतीत होता है कि यह कृत्य मंत्री की जानकारी में था।
उनकी उपस्थिति में ही किए जा रहे फिल्मांकन से उनकी स्पष्ट सहमति की संभावना जताई जा रही है। यदि मंत्री के इर्द-गिर्द लगातार इस तरह का नकारात्मक माहौल बन रहा है, तो राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्हें बाहरी विरोधियों की आवश्यकता नहीं है; उनके अपने ही सहयोगी या करीबी उनके लिए पर्याप्त संकट पैदा कर रहे हैं।
राजनीति में सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्तियों को अपनी मर्यादा कर ध्यान रखना चाहिए। मंत्रालय जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह के वीडियो का बनना सुरक्षा और नैतिकता, दोनों की विफलता है।
- नासिक, राजनीतिक विश्लेषक
इस विवाद के बाद विपक्षी दलों ने मंत्री झिरवाल पर तीखों हमले शुरू कर दिए हैं, गलियारों में चर्चा है और कटाक्ष किया जा रहा है कि झिरवाल को 'अन्न एवं औषधि प्रशासन के साथ-साथ अब 'समाज कल्याण विभाग का कार्यभार भी सौंप देना चाहिए।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि क्या यह केवल एक व्यक्तिगत मामला है या इसके पीछे कोई बड़ा 'हनीट्रैप गिरोह सक्रिय है। फिलहाल, इस वीडियो ने मंत्री की छवि के साथ-साथ सरकार की नैतिकता पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री और सत्तापक्ष इस संवेदनशील मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।