नासिक में मक्का का टूटेगा रिकॉर्ड! 70% फसल ड्रिप से सुरक्षित; उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद

Nashik Maize Production: नासिक में इस साल 18 लाख टन मक्का उत्पादन का अनुमान है। 3.05 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो लक्ष्य से 37% अधिक है। राज्य के खरीफ उत्पादन में जिले की हिस्सेदारी 28% होगी।
Nashik Maize Production
मक्का की खेती(फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Maize Production To Break Records: नासिक जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान मक्का उत्पादन के सभी पिछले रिकॉर्ड टूटने की संभावना जताई जा रही है।

जिले में इस साल रिकॉर्ड लगभग 18 लाख टन मक्का उत्पादन होने के संकेत मिले हैं, जिससे राज्य के कुल खरीफ मक्का उत्पादन में अकेले नासिक जिले के किसानों का 28 प्रतिशत योगदान रहेगा।

लक्ष्य से 37 प्रतिशत अधिक क्षेत्र में बुवाई जिले में कुल खरीफ बुवाई योग्य 6 लाख 40 हजार 550 हेक्टेयर क्षेत्र में से 3 लाख 5 हजार 879 हेक्टेयर पर मक्का की बुवाई की गई है, जो राज्य के कुल मक्का बुवाई क्षेत्र का 27.2 प्रतिशत है। कृषि विभाग के निर्धारित लक्ष्य से 37 प्रतिशत अधिक क्षेत्र में बुवाई हुई है। जिले के कुल खरीफ क्षेत्र के 47.8 प्रतिशत हिस्से पर केवल मक्का की फसल है।

ड्रिप सिंचाई से सुरक्षित हुई 70 प्रतिशत फसल

मक्का की खेती किसानों के लिए तेजी से पसंदीदा विकल्प बन रही है। सुरक्षित उत्पादन, कीट और रोगों का अपेक्षाकृत कम प्रकोप तथा बारिश की अनिश्चितता के बावजूद बेहतर औसत उत्पादन मिलने से किसानों का रुझान मक्का की ओर बढ़ा है।

मक्का की फसल अन्य फसलों की तुलना में बदलते मौसम में किसानों को अपेक्षाकृत स्थिर उत्पादन देने में मदद कर रही है। इसके अलावा, 'पोकरा' और 'प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना' के माध्यम से टपक सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलने से किसानों को काफी प्रोत्साहन मिला है।

सरकारी सहायता का लाभ उठाते हुए बड़ी संख्या में किसानों ने खेतों में टपक सिंचाई पद्धति अपनाई है, जिससे पानी की बचत के साथ फसल उत्पादन में भी सुधार हुआ है।

तहसीलवार मक्का बुवाई का रकबा (हेक्टेयर में)

मालेगांव- 58,912; बागलाण- 51,264; नांदगांव- 49,987;

येवला- 47,310; सिन्नर- 25,249; देवला- 22,772;

कलवण- 22,525; चांदवड- 22,162; निफाड- 13,177;

Nashik Maize Production
खारघर में हजारों SIR Form की फोटोकॉपी से मचा सियासी घमासान, रोहित पवार ने चुनाव आयोग को घेरा, 4 BLO सस्पेंड

पोकरा और पीएम कृषि सिंचाई

मालेगांव के कृषि अधिकारी भगवान गोडे ने कहा कि योजना के जरिए टपक सिंचाई पर 80 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। इससे बड़े पैमाने पर किसानों ने टपक सिंचाई अपनाई है। बारिश ने भले ही कुछ समय के लिए खंड दिया हो, लेकिन 70 प्रतिशत मक्का बागायती और ड्रिप सिंचाई पर सुरक्षित है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com