कुंभ तैयारियों पर सवाल, नासिक में पर्यावरण की जीत; वृक्ष कटाई पर 28 अप्रैल तक रोक

Nashik Tree Cutting Ban: नासिक में कुंभ मेले के नाम पर हो रही वृक्ष कटाई पर एनजीटी ने 28 अप्रैल तक रोक लगाई, जिससे पर्यावरण प्रेमियों में खुशी की लहर है।
Questions Raised Over Kumbh Preparations; Environmental Victory in Nashik—Ban on Tree Felling Until April 28
Nashik Environmental Protection( Source: Social Media )
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Nashik Environmental Protection: नासिक शहर के तपोवन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के नाम पर हो रही अंधाधुंध वृक्षों की कटाई पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है।

पर्यावरण प्रेमियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए हरित अधिकरण ने मंगलवार को मनपा की वृक्ष कटाई की प्रक्रिया पर 28 अप्रैल 2026 तक अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले से शहर के पर्यावरण कार्यकताओं और प्रकृति प्रेमियों में खुशी की लहर है।

तपोवन के प्राचीन वृक्षों की बलि पर लगा अंकुश

नासिक में कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनजर सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी ढांचागत विकास कार्य बड़े पैमाने पर शुरू हैं- इन विकास कार्यों की वेदी पर शहर के सैंकड़ों पुराने और घने पेड़ों की बलि दी जा रही थी। विशेष रूप से तपोवन क्षेत्र के प्राचीन वृक्षों को काटे जाने का स्थानीय नागरिकों ने पुरजोर विरोध किया था। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने एनजीटी की पश्चिम विभागीय पीठ के पास याचिका दायर की थी।

एनजीटी ने मनपा प्रशासन से मांगा विस्तृत जवाब

मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हरित अधिकरण ने नासिक में वृक्षों की कटाई की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। दिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि मनपा आगामी 28 अप्रैल तक शहर के किसी भी हिस्से में कोई नया पेड नहीं काट सकेगी, अधिकरण ने मनपा प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि ये वृक्षों की कटाई और पर्यावरण संरक्षण के नियमों के पालन के संबंध में विस्तृत हलफनामा प्रस्तुत करें।

कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि विकास के नाम पर पर्यावरण के संतुलन को बिगाड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी की अनदेखी है। पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरकर पेड़ों को बचाने की लड़ाई लड रहे संगठनों के लिए यह फैसला एक बड़ी संजीवनी लेकर आया है।

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