कुंभ मेला पेड़ कटाई मामले में नासिक मनपा का NGT में हलफनामा, स्टे के बाद नहीं काटे गए पेड़

Nashik Kumbh Mela: नासिक कुंभ मेला पेड़ कटाई मामले में मनपा ने NGT में हलफनामा दाखिल कर 13 नए नोटिसों का विरोध किया। मनपा ने स्टे के बाद पेड़ कटाई के आरोपों को निराधार बताया।
nashik kumbh mela tree cutting ngt affidavit municipal corporation
कुंभ मेला वृक्ष कटाई(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nashik Kumbh Mela Tree Cutting: नासिक शहर में सड़कों के चौड़ीकरण और सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत साधुग्राम के निर्माण के सिलसिले में जारी किए गए 35 नोटिसों को मार्च में मूल याचिका के जरिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में चुनौती दी गई थी। इस याचिका में पेड़ काटने से संबंधित 13 अतिरिक्त नोटिसों को शामिल कर संशोधन करने का मनपा ने कड़ा विरोध किया है। अधिकरण के आदेश के बाद नगर निगम ने पेड़ काटने की कार्रवाई पूरी तरह रोक दी है। निगम का कहना है कि इस संदर्भ में दर्ज कराई गई आपत्तियां केवल अनुमान और आशंकाओं पर आधारित हैं, इसलिए याचिकाकर्ता की दूसरी याचिका को भी खारिज किया जाना चाहिए।

सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में सड़कों, पुलों, घाटों के निर्माण और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे कार्यों के लिए पेड़ काटने का मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। पर्यावरणविदों का आरोप था कि तपोवन को छोड़कर अन्य स्थानों पर चार से पांच हजार पेड़ काटे जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में प्राचीन और विरासत वृक्ष शामिल हैं। इस सिलसिले में एनजीटी में मनीष बाविस्कर द्वारा दायर 2 याचिकाओं पर मनपा की ओर से आयुक्त मनीषा खत्री ने हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष रखा। मुख्य याचिका में संशोधन कर अतिरिक्त नोटिसों को चुनौती देने, तिथियों की सूची व तथ्य प्रस्तुत करने तथा मांगों में बदलाव करने के याचिकाकर्ता के अनुरोध पर नगर निगम ने आपत्ति जताई है।

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नोटिसों को चुनौती देने का प्रयास

याचिकाकर्ता ने मनपा के 13 अतिरिक्त नोटिसों को चुनौती देने का प्रयास किया है। मूल याचिका 30 जनवरी 2026 को दायर की गई थी, जबकि संशोधन के जरिए जिन नोटिसों को चुनौती दी जा रही है, वे 13 फरवरी से 30 मार्च 2026 के बीच जारी किए गए थे। यानी वे मूल याचिका दायर होने के बाद के हैं। इसलिए याचिकाकर्ता के पास इन नोटिसों को अलग से चुनौती देने का विकल्प मौजूद था। मनपा ने तर्क दिया है कि देरी से चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जा सकती। मूल चुनौती के 35 नोटिसों का मामला अभी भी लंबित है, और राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 7 अप्रैल 2026 को दिए आदेश में किसी भी प्रकार की वृक्ष कटाई पर रोक लगा दी थी। इस स्थिति में वृक्ष कटाई के अतिरिक्त 13 नोटिसों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, अतः याचिकाकर्ता का डर गलतफहमी पर आधारित है।

'स्टे के बाद पेड़ काटने के आरोप निराधार'

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 7 अप्रैल को नासिक शहर में पेड़ काटने पर रोक लगा दी थी। पर्यावरणविदों का आरोप है कि इस स्थगन आदेश के बावजूद नगर निगम ने 22 पेड़ काटे हैं। इस याचिका पर मनपा ने दावा किया है कि अधिकरण के आदेश के तुरंत बाद वृक्ष कटाई की प्रक्रिया पूरी तरह रोक दी गई थी। याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत की गई जियोटैग तस्वीरें और कटी हुई टहनियों की तस्वीरें केवल अनुमानों पर आधारित हैं। इन तस्वीरों से मनपा द्वारा पेड़ काटे जाने का कोई संबंध या प्रमाण सिद्ध नहीं होता। नगर निगम ने अदालत के आदेश का कोई अवमानना नहीं किया है और याचिकाकर्ता के आरोप निराधार हैं, इसलिए संबंधित याचिका को खारिज किया जाए।

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